मां महात्मा सदैव संसार में हितकारी होते हैं
/जैन संत प्रज्ञान सागर महाराज
10 फरवरी मंगलवार 2026
जिला टोंक के ग्राम बनेठा के दिगंबर जैन चैत्यालय में अपार भक्तों को संबोधित करते हुए जैन संत ने बताया कर्म कितना ही बड़ा क्यों ना हो हमारी श्रद्धा से बड़ा नहीं हो सकता कर्म हमें दुख देता है तो हमारी श्रद्धा उसे कर्म को नाश कर देती है
संत ने बताया मा महात्मा दोनों ही सदैव जीवन में हितकारी होते हैं अच्छा मार्ग बताते हैं माता तो सदैव ही परिवार जनों की खुशहाली चाहती है माता का आशीष पुत्र के लिए सबसे बड़ा फल देने वाला मुनि ने बताया
इस संसार में महात्मा सदैव ही अज्ञानता के मार्ग से निकालकर धर्म का मार्ग रास्ता बताते हैं अंधेरे से प्रकाश में लाने वाले संत ही होते हैं सांसारिक प्राणी संसार से परेशान होकर संत मुनि के चरणों में आकर गिड़गिड़ाते है रोता है परेशान होता है और महाराज उसे परेशानी को देखकर उसे ज्ञान का मार्ग बताते हैं पूरे भारतवर्ष में दिगंबर संत से बड़ा कोई संत नहीं कोई महात्मा अब तक नहीं हुए त्याग तपस्या का सबसे जीता जागता उदाहरण दिगंबर संत है
मां महात्मा जीवन में सबसे अनमोल है
दिगंबर संत प्रसिद्ध सागर महाराज ने बताया संसार का प्राणी मां और महात्मा का कभी उपकार नहीं चुका सकता अज्ञानता से ज्ञान में लाने का मार्ग बताने वाले संत ही होते हैं
पहले ज्ञान का पाठ पढ़ने वाली प्रथम जननी माता होती है
मा महात्मा का जीवन में कभी अपमान नहीं करना जीवन की सारी खुशियां माता और महात्मा के चरणों से मिलती है हर घर में मा हो कोई मा बेघर ना हो जहा मां पास रहती है वहां भगवान की कृपा सदैव बरसती है
सुखौदय अतिशय क्षेत्र सूतडा के अध्यक्ष महावीर जैन पराणा निवाई ने बतलाया की 13 फरवरी को महाराज का मंगल प्रवेश ग्राम सूतडा में होगा
महावीर कुमार सरावगी जैन गजट संवाददाता नैनवा जिला बूंदी राजस्थान
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