लंदन के राजेश जैन ने जैन तीर्थ नवागढ़ में मनाया जन्मदिन
मुरैना/नवागढ़ (मनोज जैन नायक) प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़ में एक विशेष आध्यात्मिक दृश्य देखने को मिला जब हैरो लंदन (UK) में निवासरत भारत प्रवासी श्री राजेश जैन ने अपनी माताजी श्रीमती चंद्रकांता जी जैन के साथ मनाया अपना जन्मदिन।
सौभाग्य
श्री जैन पिछले कई वर्षों से लंदन में निवास कर रहे हैं, लेकिन अपनी जड़ों से जुड़े रहने की भावना ने उन्हें भारत की तीर्थयात्रा के लिए प्रेरित किया। ललितपुर के प्रसिद्ध जैन अतिशय क्षेत्र नवागढ़ में पहुंचकर उन्होंने श्रद्धा भाव से भगवान अरनाथ के दर्शन किए और मंदिर परिसर में विशेष पूजन-अर्चन भी किया।
आपने हेरो लंदन में अपने निवास पर भगवान शांति नाथ सहित पांच बिंबों की स्थापना क्षेत्र निर्देशक ब्रह्मचारी जयकुमार निशांत भैया जी के निर्देशन में संपन्न करा कर सभी जैन प्रवासियों को जिन दर्शन, पूजा का सौभाग्य प्रदान किया है।
व्रती जीवन
आपकी दिनचर्या लंदन जैसे शहर में भी व्रतियों के समान है। आप शनिवार एवं रविवार को एकाशन तथा प्रतिदिन अभिषेक, पूजा करने के पश्चात ही भोजन करने का संकल्प लिए हैं । आपकी श्रीमती मीता जैन पुत्री अनन्या तथा पुत्र अरिहंत भी लंदन में रहकर अपने चर्या जैन श्रावकों के अनुसार कर रहे हैं।
संस्कारारोपण
राजेश एवं श्रीमती नीता जी ने अपने गृह चैत्यालय के माध्यम से सभी को देव दर्शन , देव पूजन स्वाध्याय , सामाजिक आदि सम्यक क्रियायों में संलग्न किया है ।बालक बालिकाओं को पानी छानना द्रव्य बनाना तथा पूजा करना सिखाकर जैन संस्कारों का बीजारोपण किया है
आध्यात्मिक आयोजन आज जहां लोग अपना जन्मदिन मनाने होटल, गार्डन आदि जगहों में जाते है, मौज मस्ती करते है, वहीं इतने वर्ष विदेश में रहने के बाद भी उन्होंने अपना जन्मदिन पावन अतिशय क्षेत्र नवागढ़ में सादगी एवं धार्मिक भावनाओं के साथ मनाया।
गुरुकुल परंपरा की अनिवार्यता
इस अवसर पर उन्होंने गुरुकुलम् के विद्यार्थियों के साथ समय बिताया
आपने अपने वक्तव्य में कहा जैन धर्म को संरक्षित करने के लिए निशांत भैया जो प्रयास कर रहे हैं वह अनुकरणीय हैं, यदि हम गुरुकुल परंपरा को जीवंत नहीं करेंगे तो कुछ ही वर्षों में जैन धर्म खतरे में पड़ जाएगा । हमारे संस्थानों, क्षेत्र एवं मंदिरों का संरक्षण अत्यंत जटिल हो जाएगा । अतिक्रमण रोकना संभव नहीं हो सकेगा ।
मैं अनुरोध करता हूं प्रवासी जैन बंधु जब भी भारत आए नवागढ़ की वंदना अवश्य करें। यहां भगवान अरनाथ स्वामी के दर्शन से मानसिक शांति एवं उल्लास की अनुभूति होती है।
विलक्षण संयोग
श्री राजेश जी के साथ सागर निवासी इंजीनियर डी के जैन के सुपुत्र श्री प्रेमदीप जी प्रतिवर्ष अपना जन्मदिन यहां मानते हैं का तथा श्री नवागढ़ गुरुकुलम के छात्र संस्कार का भी जन्मदिन आज गौशाला में सामूहिक रूप से मनाया गया।
गौ सेवा
इस अवसर पर श्री जैन ने गायों को गुड़ खिलाकर अपने मंगलमय एवं स्वस्थ जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि गौसेवा से मन को शांति मिलती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। गुरुकुलम् के छात्रों ने भी उनके साथ इस पुण्य अवसर में सहभागिता की और उनके दीर्घायु व उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
आपने नवागढ़ के इतिहास एवं पुरा संपदा का दर्शन करके जैन दर्शन की प्राचीनता व्यक्त करते हुए यहां संचालित गुरुकुलम में शिक्षारत छात्रों के बीच अपने बचपन को याद किया।
इस अवसर पर श्री राजेश जैन ने कहा, “भले ही मैं विदेश में रहता हूं, पर मेरी आत्मा की शांति भारत के इन पवित्र स्थलों से ही जुड़ी है। नवागढ़ क्षेत्र वास्तव में आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत है। और यही वह भावना है की जिसके वशीभूत होकर मुझे अपना जन्मदिन इस पावन क्षेत्र पर मनाने की भावना हुई।”
क्षेत्र संचालक ब्र. जय निशांत जी ने भी इस अवसर पर अपने विचार रखते हुए बताया कि विदेशी भूमि से प्रवासी भारतीयों का इस प्रकार का जुड़ाव भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता की व्यापक स्वीकार्यता को दर्शाता है।
सम्मान
महामंत्री श्री वीर चंद्र जैन तथा गौशाला के संयोजक सुरेंद्र सोजना के साथ ब्रह्मचारी निशांत भैया के सानिध्य में ब्रह्मचारी संध्या दीदी,अनुराग जैन, रौनक जैन, प्रवीण जैन , श्री विनीत सर, संजय सर ने सभी का भाव भीना स्वागत करते हुए पुनः आगमन का आमंत्रण दिया।
अंत में हर्षोल्लास के साथ क्षेत्र प्रबंधक द्वारा सभी का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन हुआ।
















