नई दिल्लीः कुंद कुंद भारती में आचार्य श्री श्रुतसागरजी महाराज के 39वें दीक्षा दिवस पर रविवार 22 फरवरी को जैन युवा संगठन कूचा सेठ ने भव्य समारोह आयोजित किया। ध्वजारोहण, चित्र अनावरण, दीप प्रज्वलन के बाद आचार्य श्री का पाद प्रक्षालन और पूजन किया गया, नवीन पिच्छी और शास्त्र भेंट किए गए।
आचार्य श्री ने अपने दीक्षा गुरू श्वेतपिच्छाचार्य श्री विद्यानंदजी मुनिराज का स्मरण करते हुए उनके भव्य योगदान को सराहा और भावभीनी विनयांजलि अर्पित की और कहा कि ज्ञान प्राप्त करना और स्वयं को जगाना ही दीक्षा है। घर से भागना दीक्षा नही है। ग्रहस्थों के लिए स्वाध्याय का नियम भी दीक्षा से कम नही है।
आचार्य श्री ने समाज के संगठन पर भी जोर देते हुए कहा कि हम सब एक हैं। समारोह में कुंद कुंद भारती के पदाधिकारियों सतीश जैन, अनिल- पारसदास जैन, राजेंद्र जैन संघपति के साथ -साथ लाल मंदिर के प्रबंधक पुनीत जैन, नीरज जैन, डा. डीसी जैन, पं. जयकुमार जैन उपाध्याय, मोती लाल जैन-परिवार, संगठन के जिनेंद्र जैन, अंकुर जैन, अमन जैन, विवेक जैन, अतुल जैन, पंकज जैन, दीपक जैन,मनोज जैन, संजीव जैन-मून,मनोज जैन, वैशाली जैन, मनीश जैन, पुनीत
जैन-वीतराग, रमेश जैन-एडवोकेट, कविता जैन, मेघा जैन आदि ने आचार्य श्री को विनयांजलि अर्पित की। महिला मंडल ने मंगलाचरण और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
प्रस्तुतिः रमेश चंद्र जैन ए़डवोकेट नवभारत टाइम्स, नई दिल्ली
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