कारीटोरन पंचकल्याणक के प्रमुख पात्रों का हुआ चयन
मुनि श्री समत्व सागर ससंघ के सान्निध्य में हुआ भव्य वेदिका शिलान्यास
(रत्नेश जैन रागी बकस्वाहा)
बकस्वाहा /- निकटवर्ती बुन्देलखण्ड का प्राचीनतम श्री शान्तिनाथ दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र कारीटोरन (ललितपुर) में मुनि श्री 108 समत्व सागर जी एवं मुनि श्री 108 शील सागर जी महाराज ससंघ के मंगल सानिध्य में आगामी 7 से 13 मार्च 2026 तक आयोजित होने वाले श्री मज्जिनेन्द्र सहस्त्रकूट,11 फुट उत्तुंग खड्गासन चौबीसी पंचकल्याणक प्रतिष्ठा एवं गजरथ महोत्सव की वेदिका शिलान्यास रजनेश कुमार अवशेष कुमार ने किया, प्रतिष्ठाचार्य पं. महेश कुमार जी डीमापुर के निर्देशन में विधानाचार्य ऋषभ कुमार बड़ागांव ने धार्मिक विधि विधान के साथ संपन्न कराया। बाब्र. आशीष भैया पुण्यांश ने मंच संचालन किया। मुनिश्री का पाद प्रक्षालन नाभि मरु देवी परिवार पं. महेश कुमार डीमापुर ने किया।
मुनि श्री समत्व सागर जी ने बतलाया कि पंचकल्याणक में प्रमुख पात्र बनने का जो महत्व है वह वचन गम्य में नहीं है ,अनुभव गम्य है, जैसे मीठा का स्वाद कह कर नहीं मीठा खाकर अनुभव किया जा सकता है, वैसे ही वह है पात्र बनकर अनुभव प्राप्त किया जा सकता है।
प्रमुख पात्रों के चयन चयन में सौधर्म इन्द्र – सिं. मुकेश कुमार-मीना जैन दमोह, कुबेर – सवाई सेठ डॉ. विजय कुमार-सुधा कारीटोरन,महायज्ञ नायक- डॉ. श्रेयांश-सुमन ककरवाहा, चक्रवर्ती -डॉ. अंकुर -पायल मुंबई , कारीटोरन , राजा श्रेयांश- माधव शास्त्री-रश्मि शाहगढ़ को बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। यह उल्लेखनीय है कि पं. महेश कुमार जी डीमापुर – सुखवती देवी को माता-पिता बनने का सौभाग्य पहले ही प्राप्त हो चुका है।
1635 वर्ष प्राचीन इस अतिशय क्षेत्र को बुन्देलखण्ड का सबसे प्राचीन जीवंत तीर्थ क्षेत्र कहा जा सकता है। जहां पर होने वाले पंचकल्याणक महोत्सव में 700 प्रतिमाओं की प्रतिष्ठा का अनुष्ठान विविध कार्यक्रमों के साथ किया जा रहा है जिसमें 11 फिट उंचाई की खड्गासन मुद्रा में अदृभुत 26 प्रतिमाएं, उपरत्नों की 31 प्रतिमाएं, संगमरमर की 24 उत्तंग शिखर प्रतिमाएं सहित 700 प्रतिमाओं की प्रतिष्ठा संपन्न होगी। इतना उत्तंग एवं विस्तृत जिनालय, इतना ऊंचा शिखर संभवतः अन्यत्र नहीं है , इस तरह की संरचना बहुत कम स्थानों पर देखने को मिलती है, इस निर्माण में शास्त्रीय एवं तकनीकी बिंदुओं पर भली भांति दृष्टिपात किया गया है । तीन-चार किलोमीटर दूर से ही नवनिर्मित शिखर की छटा देखते ही बनती है।
इस कार्यक्रम के अवसर पर डॉ. विजय कुमार कारीटोरन, डॉ श्रेयांश कुमार ककरवाहा, शिखर चंद भेलसी, अनंदीलाल लुहर्रा, पदम सेठ सीएमओ, पं माधव शास्त्री,सेठ विजय शाहगढ़,राजाराम समर्रा, एड. मुन्नालाल अभिलाषा, अनिल आंचल, अजित कुमार खजुरिया, प्रेमचंद, इंद्र कुमार ककरवाहा,, मनोज अक्षय अलया ललितपुर, राजेश रागी बकस्वाहा,पं अशोक बम्हौरी, राजेश फणीन्द बड़ागांव प्रमुख रूप से उपस्थित थे।












