झारखंड में जन्मे जैन संत मुनि श्री108 प्रमाणसागर जी मुनिराज का झारखंड के जैन समाज ने झारखंड की धरती में अभूतपूर्व आगवानी ओर स्वागत किया।

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झारखंड में जन्मे जैन संत मुनि श्री108 प्रमाणसागर जी मुनिराज का झारखंड के जैन समाज ने झारखंड की धरती में अभूतपूर्व आगवानी ओर स्वागत किया।
लोदाम (छत्तीसगढ़) छत्तीसगढ़ से मंगल विहार करते हुवे झारखंड की सीमा पर आज प्रातः झारखंड जैन समाज ने झारखंड के हजारीबाग में जन्मे जैन संत मुनी श्री108 प्रमाणसागर जी मुनिराज का अभूतपूर्व भक्तिमय वातावरण हाथों में बेनर झंडा गुरुदेव का फोटो के साथ आदिवासी कल्चर के साथ भब्य आगवानी ओर स्वागत किया। इस पावन अवसर पर संत मिलन का भी दिब्य दृश्य देखने को मिला जहाँ आर्यका 105 ऋजु मति माता जी ससंघ ने मुनि श्री की तीन प्रदक्षिणा देते हुवे मंगल मिलन हुवा।इस अवसर पर मुनि श्री ने मंगल उदबोधन देते हुवे कहा की झारखंड के भक्तों में भक्ति अपरंपार है जो आगवानी के लिए पूरे झारखण्ड़ वासी आ गए
साथ ही छत्तीसगढ़ के जैन समाज के लोग भी मेरे साथ पूरे छत्तीसगढ़ में साथ मे पैदल विहार करते हुवे यहाँ भी आज उपस्थित हुवे है। इसके बाद आहार चर्या सम्पन हुई।दिन में शंका समाधान हुवा जिसमे प्रशासनिक, नेता गण, सभी समाज के लोगो ने अपनी समस्या बताया जिसे गुरुदेव ने बहुत ही अच्छे से सभी समस्या का समाधान बताया।इस कार्यक्रम में सभी समाज के पदाधिकारियों का गुणायतन परिवार ने स्वागत ओर सम्मान किया।संध्या में भब्य महाआरती ओर भजनों का आयोजन हुवा जिसमे बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर भक्ति भाव मे सराबोर हो उठे।इस अवसर पर बिशेष रूप से छत्तीसगढ़ जसपुर,कुनकुरी, बगीचा, झारखंड से रांची,हजारीबाग, झुमरीतिलैया, गोमिया,पेटरवार, रामगढ, गया जी,धनबाद, सम्मेदशिखर जी, सहित विभिन्न शहरों से पधारे सभी पदाधिकारियों ओर श्रद्धालुओं का भी स्वागत ओर अभिनंदन किया गया।साथ ही हजारीबाग के महामंत्री संजय जैन अजमेरा,मीडिया प्रभारी बिजय जैन लुहाड़िया, कोडरमा मीडिया प्रभारी राज कुमार जैन अजमेरा ने बताया कि 28 मार्च को झारखंड की राजधानी में ऐतिहासिक मंगल प्रवेश होगा जिसमें झारखंड से ही नही पूरे भारत के भक्त इस ऐतिहासिक क्षण को देखने के लिए शामिल होंगे

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