जयपुर के प्राचीन जैन मंदिर तीर्थ से कम नहीं – इस धरोहर के संरक्षण की आवश्यकता है – आचार्य वर्धमान सागर महाराज

0
3

जयपुर के प्राचीन जैन मंदिर तीर्थ से कम नहीं – इस धरोहर के संरक्षण की आवश्यकता है – आचार्य वर्धमान सागर महाराज

वात्सल्य वारिधि आचार्य वर्धमान सागर महाराज ससंघ का भट्टारक जी की नसिया में हुआ भव्य मंगल प्रवेश-
महावीर स्कूल का किया अवलोकन

फागी संवाददाता

जयपुर – 5 अप्रैल – प्रसिद्ध दिगम्बर जैन आचार्य वात्सल्य वारिधि पंचम पट्टाचार्य वर्धमान सागर महाराज ससंघ का रविवार, 5 अप्रैल को भट्टारक जी की नसिया में विशाल जुलूस के साथ जयकारों के बीच भव्य मंगल प्रवेश हुआ,इस मौके पर बडी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए, इससे पूर्व आचार्यश्री ससंघ चार दीवारी स्थित चौकड़ी मोदीखाना के लश्कर पाटोदी दिगम्बर जैन मंदिर से मंगल विहार कर विभिन्न मंदिरों के दर्शन करते हुए सी-स्कीम स्थित महावीर स्कूल में पहुचे जहां विद्यालय परिसर के अवलोकन पश्चात आचार्य श्री के आशीर्वचन हुए,दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र श्री महावीर जी के मानद् मंत्री उमरावमल संघी एवं मुनि भक्त सुरेश सबलावत ने बताया कि आचार्य श्री ससंघ रविवार को प्रातः 6.30 बजे चौकड़ी मोदीखाना स्थित श्री दिगम्बर जैन मंदिर लश्कर पाटोदी से मंगल विहार कर किशनपोल बाजार, अजमेरी गेट होते हुए के टावर पहुचे जहां पुष्प लता विवेक काला परिवार द्वारा भव्य अगवानी की गई ।
श्री महावीर दिगम्बर जैन शिक्षा परिषद जयपुर के मानद् मंत्री सुनील बख्शी ने बताया कि आचार्य श्री ससंघ का विद्यालय परिसर में पहली बार मंगल आगमन हुआ। विद्यालय परिसर के अवलोकन के दौरान स्कूल में चल रही गतिविधियों की आचार्य संघ को जानकारी दी गई। वर्धमान सभागार में आयोजित धर्म सभा में पादपक्षालन, मंगलाचरण के बाद आचार्य श्री के आशीर्वचन हुए।
राजस्थान जैन सभा जयपुर के उपाध्यक्ष एवं राजस्थान जैन युवा महासभा जयपुर के प्रदेश महामंत्री विनोद जैन कोटखावदा के मुताबिक प्रातः 8.30 बजे बैण्ड बाजों के साथ विशाल जुलूस के साथ आचार्य श्री ससंघ का हास्पिटल रोड होकर दीवान जी की नसिया के दर्शन लाभ प्राप्त करते हुए भट्टारक जी की नसिया में भव्य मंगल प्रवेश हुआ, मार्ग में सेठियों के चैत्यालय के दर्शन लाभ के बाद मार्ग में मुनि भक्त सुभाष चन्द जौहरी के आवास पर जौहरी परिवार द्वारा तथा धर्म जागृति संस्थान राजस्थान के पदाधिकारियों द्वारा अध्यक्ष पदम चन्द बिलाला के नेतृत्व में तथा उदय लाल दीवान जी की नसिया में दीवान परिवार द्वारा अनिल दीवान के नेतृत्व में
आचार्य श्री के पादपक्षालन एवं मंगल आरती की गई, दीवान जी की नसिया में दर्शन लाभ प्राप्त करने के उपरांत आचार्य श्री की मंगल प्रवेश शोभायात्रा भट्टारक जी की नसिया पहुची,राजस्थान जैन युवा महासभा जयपुर के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं राजस्थान जैन सभा जयपुर के महामंत्री मनीष बैद ने बताया कि भट्टारक जी की नसिया में मुख्य द्वार पर दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र श्री महावीर जी कमेटी द्वारा आचार्य संघ की भव्य अगवानी की गई । इस मौके पर पूर्व अध्यक्ष एन के सेठी, जस्टिस नगेन्द्र कुमार जैन, उपाध्यक्ष सी पी पहाडियाँ, मानद् मंत्री उमरावमल संघी,संयुक्त मंत्री अनिल दीवान, रुपिन काला, कोषाध्यक्ष हेमन्त सोगानी, अशोक पाटनी, विवेक काला,प्रदीप कुमार जैन, सुरेश सबलावत सहित श्रीमहावीर जी क्षेत्र कमेटी द्वारा पाद पक्षालन एवं मंगल आरती की गई , कार्यक्रम में भरी धर्म सभा में अपने मंगलमय उद्बोधन में आचार्य श्री कहा कि संघ ने लगभग 26 वर्ष पूर्व इस नसिया में वर्षायोग करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उस समय यह नसियां शहर से बाहर थी अब बाहर बसावट के कारण शहर के मध्य में आ गई है। उन्होंने बताया कि सन् 1969 में जैनेश्वरी दीक्षा के बाद पहली बार जयपुर आना हुआ। दूसरी बार 1999 में जयपुर में चातुर्मास किया और अब तीसरी बार पूरे संघ के साथ (35 पिच्छीका ) पुनः आना हुआ। चार दीवारी में प्राचीन मंदिरों के दर्शन लाभ का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि जयपुर के प्राचीन मंदिर किसी तीर्थ से कम नहीं है। जैन संस्कृति की प्राचीन झलक इन प्राचीन मंदिरों में देखने को मिलती है। आज की पीढ़ी को इस प्राचीन धरोहर एवं संस्कृति को संरक्षण के साथ साथ इसका विडियो बनाकर पूरे देश में प्रचार-प्रसार कर सभी को जानकारी देनी चाहिए जिससे देशवासी इन प्राचीन धरोहरों व मंदिरों के दर्शन लाभ व यात्रा करने जयपुर आये । जयपुर में दो बातें विशेष है – पहली यहा पढे लिखे लोग रहते हैं। दूसरी उद्योग पति व धनाढ्य लोग भी यहा निवास करते हैं। उसके उपरांत भी संस्कृति का संरक्षण गौण हो गया है। सारी संस्थाएं, संगठन जैन संस्कृति के प्रति संगठित होकर जैन धर्म का प्रचार प्रसार करे। उन्होंने कहा कि जब धर्म की प्रभावना करेगें तो अपनी स्वयं की प्रभावना तो अपने आप हो जाएगी। उन्होंने नेतृत्व करने वालों को कहा कि अपनी प्रभावना के बजाय धर्म की प्रभावना को आगे बढाने का काम करे। पूर्वजों द्वारा स्थापित इस संस्कृति को युवा पीढ़ी स्वयं भी देखे तथा पूरे देश को भी दिखाए। साथ ही जैन संस्कृति के इन गुणों को अपने जीवन में उतारे।
उन्होंने महावीर जी क्षेत्र कमेटी को आशीर्वाद देते हुए कहा कि भट्टारक जी की नसिया में विराजमान जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ से चांदनपुर महावीर जी में विराजमान जैन धर्म के अंतिम तीर्थंकर भगवान महावीर तक सारा प्रबंध देखने वाली कमेटी सबको साथ लेकर धर्म प्रभावना बढाने का कार्य पूरे देश में करे। जिनव स्तुति से धर्म सभा का समापन हुआ।इससे पूर्व शुरु में दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र श्री महावीर जी के मानद् मंत्री उमर संघी ने स्वागत उदबोधन दिया।
धर्म सभा के अंत में विनोद जैन कोटखावदा ने सभी का आभार व्यक्त किया।
मंच संचालन मनीष बैद ने किया,इस मौके पर राज कुमार कोठ्यारी, प्रदीप जैन लाला, कमल बाबू जैन, राजीव जैन गाजियाबाद, महेश काला,प्रमोद पहाडियाँ, विनोद जैन कोटखावदा, मनीष बैद,सुनील बख्शी, राजेन्द्र बिलाला, नवीन सांघी, पदम चन्द बिलाला, आर के जैन रेल्वे, अशोक जैन नेता, राकेश गोधा, सुभाष बज, अनिल छाबड़ा, इंदिरा बडजात्या, पूनम चांदवाड, नीतू मुल्तान, सुनिता अजमेरा सहित बडी संख्या में गण मान्य श्रेष्ठीजनों ने सहभागिता निभाई।

राजाबाबू गोधा जैन गजट संवाददाता राजस्थान

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here