जैन तीर्थ नैनागिरि में पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी ससंघ के सान्निध्य में 23 एवं 24 मार्च को होंगे विविध कार्यक्रम

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जैन तीर्थ नैनागिरि में पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी ससंघ के सान्निध्य में 23 एवं 24 मार्च को होंगे विविध कार्यक्रम

बकस्वाहा //रत्नेश जैन रागी// – तहसील अंतर्गत स्थित देश का सुविख्यात जैन तीर्थ नैनागिरि में पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ के सान्निध्य में 23 एवं 24 मार्च 2026 को आचार्य चरण प्रतिष्ठा, वरदत्त विश्राम भवन का लोकार्पण , विशुद्ध सागर ज्ञान केंद्र का शुभारंभ समारोह सहित अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं ।
श्री दिगंबर जैन सिद्धक्षेत्र (रेशंदीगिरि) नैनागिरि ट्रस्ट कमेटी के मंत्री राजेश रागी एवं प्रबंध समिति के प्रचार मंत्री सुरेश सिंघई ने विज्ञप्ति में बताया कि सोमवार दिनांक 23 मार्च को प्रातः 7:00 बजे से तीन मूर्ति मंदिर पारस देशना स्थल एवं पारसनाथ चौबीसी मंदिर में महामस्तकाभिषेक तथा भगवान अजितनाथ का मोक्ष कल्याणक पर निर्वाण लाडू चढ़ाया जाएगा, अपराह्न पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी ससंघ का नैनागिरि में मंगल प्रवेश होगा , 4:00 बजे जल मंदिर के मानस्तंभ का महामस्तकाभिषेक एवं शाम 7:00 बजे से विद्वत सम्मेलन होगा, नैनागिरि सहस्त्राब्दि समारोह (1050 – 2050) ,षटखण्डागम का 1940 वर्षीय समारोह, रचना तिथि श्रुत पंचमी सन 0087 , षटखण्डागम धवला टीका का 1210 वर्षीय समारोह रचना तिथि 8 अक्टूबर 816 दिन बुधवार,बाबा दौलतराम वर्णी द्वारा विचरित छंदोदय का 124 वर्षीय समारोह रचना तिथि अश्विन चतुर्थी बिक्रम संवत 1959 तदनुसार 6 सितम्बर 1902 शनिवार, पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी द्वारा विरचित वस्तुत्व महाकाव्य समारोह, नैनागिरि पुरातत्व संग्रहालय का संस्थापन कार्यक्रम संपन्न कराया जाएगा ।
मंगलवार दिनांक 24 मार्च के प्रातः 7:00 बजे पारसनाथ चौबीसी जिनालय में महामस्तकाभिषेक तथा भगवान संभवनाथ का मोक्ष कल्याणक निर्वाण लाडू चढ़ाया जाएगा ,तत्पश्चात आचार्य श्री विद्यासागर जी ,गढाचार्य श्री विरागसागर जी तथा स्वेत पिच्छिकाचार्य विद्यानंद जी के चरण प्रतिष्ठा समारोह एवं पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज का मंगल उद्बोधन होगा। अपराह्न वरदत्त विश्राम भवन एवं 10 केव्हीए सोलर पावर प्लांट का लोकार्पण, जैन विद्यालय परिसर में निर्माणाधीन नैनागिरि पुरातत्व संग्रहालय के समीप विशुद्ध सागर ज्ञान केंद्र का शुभारंभ समारोह होगा जिसमें जैन आगम ग्रंथों तथा आधुनिक आगम स्वरूप वस्तुत्व महाकाव्य के वृहद संस्करण का संस्थापन, डा. लक्ष्मी चन्द्र जैन जबलपुर द्वारा विरचित जैन दर्शन : एक वैज्ञानिक अनुशीलन का लोकार्पण तथा 4 बजे से सिद्धचक्र महामण्डल विधान का ध्वजारोहण किया जायेगा।
इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में न्यायमूर्ति श्री उमेश चंद्र माहेश्वरी , न्यायमूर्ति श्री एन. के. जैन जयपुर, न्यायमूर्ति श्रीमती विमला जैन भोपाल, न्यायमूर्ति श्री जरद कुमार जैन इंदौर की गरिमामय उपस्थिति रहेगी ।

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