नई दिल्लीः जैन समाज दिल्ली का तीन दिवसीय महावीर जयंती समारोह 29 से 31 मार्च तक लालकिला ग्राउंड में आचार्य श्री श्रुतसागरजी मुनिराज के सान्निध्य में
धूमधाम से मनाया गया। प्रमोद जैन-वर्धमान एवं डा. एसके सोगानी के ध्वजारोहण से शुरू समारोह में समाज के अध्यक्ष चक्रेश जैन ने आचार्य श्री को विनयांजलि अर्पित की। आचार्य श्री ने कहा कि भगवान महावीर के उपदेशों को आचरण में लाकर ही वर्तमान की सभी समस्याओं का समाधान हो सकता है। हमें अपने आहार- व्यवहार को सुधारना होगा। मुख्य अतिथि रेसलिंग वर्ल्ड चैंपियन संग्राम सिंह ने आचार्य श्री को भावभीनी विनयांजलि अर्पित करते हुए कहा कि भगवान महावीर, राम व अन्य महापुरुषों से ही हमें प्रेरणा मिलती है। मै पूर्णतया शाकाहारी हूं, शाकाहार में अदभुत शक्ति है। खुश रहना है तो प्रकृति के साथ जिएं। समारोह में क्षुल्लक विशराक्ष सागरजी भी मौजूद थे। भारतवर्षीय दि. तीर्थक्षेत्र कमेटी के अध्यक्ष जंबू प्रसाद जैन भी मोजूद थे।
अगले दिन आचार्य श्री श्रुतसागरजी ने कहा कि भगवान महावीर का मुख्य उपदेश यही था कि जो तुम अपने लिए चाहते हो, वही दूसरो के लिए भी चाहो। संकल्पी हिंसा से बचो, संयम का पालन करते हुए पुरूषार्थ करते रहो। डा. जयकुमार जैन उपाध्ये ने आचार्य श्री विद्यानंद जी द्वारा महावीर जन्मभूमि वासोकुंड- वैशाली के
विकास में योगदान को याद किया। वर्धमान शिक्षा मंदिर दरियागंज की प्रिंसीपल सीमा कांडवाल, मैनेजर चारू जैन, शुभा जैन व शालिनी जैन के संयोजन में 20
स्कूलों की चित्रकला प्रतियोगिता हुई जिसमें 500 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। मेघा जैन व अंजु जैन ने भक्ति-नृत्य प्रतियोगिता कराई।
तीसरे दिन जैन समाज दिल्ली की 118 वर्ष पुरानी भव्य परंपरागत शोभायात्रा निकाली गई जो पहाड़ी धीरज, खारी बावली, फतेहपुरी, चांदनी चौक होते
हुए लालकिला ग्राउंड में आई। समाज के चारों सम्प्रदायों ने एकता का अदभुत परिचय दिया। यहां लाल मंदिर के मैनेजर पुनीत जैन एवं संत प्रभुदास के संयोजन
में आयोजित सर्वधर्म सम्मेलन में कई धर्मों के संतों- इस्कान के विभुकेश दासजी, बौद्ध भिक्षु ताशिखेतुपजी, बीके कपिलजी, महंत नंदलालजी, नीलकंठदासजी,
गुरूद्वारा शीशगंज के सिख गुरूओं आदि सभी ने एक स्वर से कहा कि अहिंसा ही विश्वशांति का मूल आधार है। भगवान महावीर का मुख्य संदेश जियो और जीने
दो से ही विश्व में शांति संभव है। आचार्य श्री ने सभी संतों का स्वागत करते हुए कहा कि सारे धर्मों का सार विश्व शांति ही है। परस्पर उपकार करके ही हम शांति
से जी सकते हैं। सभी संतो ने एक साथ अहिंसा और शांति के प्रतीक रूप में सैंकडों श्वेत कबूतर आकाश में उडाए। भगवान महावीर स्वामी की प्रतिमा का अनेक
पुजारियों ने अभिषेक व पूजन किया।
समारोह में दिगंबर जैन परिषद के अध्यक्ष अनिल पारसदास जैन, श्वेतांबर स्थानकवासी समाज के उपाध्यक्ष सुभाष जैन ओसवाल, सुखराज सेठिया, एससी
जैन-जज, स्वदेश भूषण जैन, मनोज जैन- मनोनीत निगम पार्षद, नीरज जैन, पीके जैन, जिनेंद्र जैन, रमेश जैन, अंकुर, पंकज जैन, कविता जैन आदि गणमान्य
व्यक्ति मौजूद रहे। लाल मंदिर को भव्य रोशनी से सजाया गया। संयोजन जैन मित्र मंडल ने किया।
प्रस्तुतिः रमेश चंद्र जैन एडवोकेट नवभारत टाइम्स नई दिल्ली
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