जेल में कैदियों को संबोधित करते हुए जैन मुनि ने बताया कि मनुष्य जीवन क्या है
जैन मुनि प्रवचन केसरी विश्रांत सागर महाराज
महावीर कुमार सरावगी जैन गजट संवाददाता नैनवा जिला बूंदी
सोमवार 12 जनवरी 2026
गोलगंज मध्य प्रदेश
परम पूज्य प्रवचन केसरी मुनि श्री 108 विश्रांत सागर जी महाराज का आहार आज दिनांक 12 जनवरी को परम पूज्य आचार्य श्री 108 पद्मनंदी महाराज जी के गृहस्थ जीवन के भाई धर्मचंद जी घर पर गोलगंज में हुए, मुनि श्री ने चार लाइनों के माध्यम से केदियों को संबोधन किया
उन्होंने जेल के कैदियों से भक्ति करवाई, जैन संत ने बताया कि मनुष्य जीवन का मिलना ही बहुत बड़ा दुर्लभ है तुम भी एक मनुष्य हो किसी मां के बेटे हो तुमने अपने ऊपर चोर का लेबल लगा लिया लोग तुम्हें चोर की दृष्टि से देखेंगे
तुम जेल में रखकर अच्छे कार्य करो बाहर आकर एक अच्छे मनुष्य बन जाओगे तुम्हारा चोर का लेवल हट जाएगा तुम धर्मात्मा के रूप में लोगों की निगाह में आ जाओगे और तुम्हारा मनुष्य जीवन सार्थक हो जाएगा चोरी करने पर हमेशा तुम्हें भय बना रहता है कि पुलिस आकर हमें पकड़ के ले जाए तुम्हारा वह भय भी खत्म हो जाएगा और तुम्हें अच्छे मनुष्य के रूप में इस संसार में घूम सकोगे डोल सकोगे तुम्हारा भय समाप्त हो जाएगा
संत ने यह भी बताया कि रक्षाबंधन पर्व पर तुम्हारी बहन भी हाथ में कलाई में राखी बांधने के लिए इंतजार करती है वह क्या सोचती होगी कि मेरे भाई ने कैसे कर्म किए हैं जो आज जेल में बंद है बहन हमेशा तुम्हारे जेल से बाहर आने का इंतजार करती करती है उसकी आंखें तरस जाती है
संत ने जेल में चोरों को जैन धर्म का पाठ पढ़ाया अहिंसा धर्म ही सबसे बड़ा धर्म है सभी जिओ के प्रति मानवता का व्यवहार करें यही एक धर्म है
जेल के सभी कैदियों एवं पदाधिकारी ने जैन मुनि का बहुत सम्मान किया और तालियां की गणगाहट की
महावीर कुमार सरावगी जैन गजट संवाददाता नैनवा जिला बूंदी राजस्थान
Unit of Shri Bharatvarshiya Digamber Jain Mahasabha















