इस वर्ष होलिका दहन पर भद्रा एवं चंद्रग्रहण का साया

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इस वर्ष होलिका दहन पर भद्रा एवं चंद्रग्रहण का साया
दो मार्च को होगा होलिका दहन

मुरैना (मनोज जैन नायक) होलिका दहन फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा के दिन भद्रा रहित समय में शुभ मुहूर्त में किया जाता है।
लेकिन इस बार इसे लेकर भ्रम की स्थिति है । क्योंकि 02 मार्च को रात भर भद्रा एवं 03 मार्च को चंद्रग्रहण है।
वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य डॉ हुकुमचंद जैन ने जानकारी स्पष्ट करते हुए कहा कि 02 मार्च सोमवार को पूर्णिमा तिथि शाम को 05:55 बजे प्रारंभ हो जाएगी और इसी के साथ भद्रा भी प्रारंभ हो जाएगी । भद्रा तिथि रात तड़के 03 मार्च को 05:28 बजे तक रहेगी
और पूर्णिमा तिथि 03 मार्च को शाम 05:07 बजे तक रहेगी।
चंद्रग्रहण का स्पर्श 03 मार्च को दोपहर 03:20 पर आरंभ होगा, 06:47 बजे ग्रहण का मोक्ष होगा । ग्रहण का सूतक 03 मार्च को प्रातः 06:20 बजे से लग जाएगा।
जैन ने बताया कि फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा 02 मार्च सोमवार को ही प्रदोष व्यापिनी है। लेकिन 02 मार्च को ही शाम 05:55 बजे से पूरी रात तड़के सुबह 03 मार्च 05:28 बजे तक भद्रा है। 03 मार्च को फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा प्रदोष व्यापिनी नहीं है । अतः होलिका दहन 02 मार्च सोमवार को प्रदोष काल में भद्रा के मुख को छोड़कर शाम 06:18 बजे से रात्रि 08:49 बजे तक श्रेष्ठ मुहूर्त में करना चाहिए और सामान्य मुहूर्त मुहूर्त रात्रि रात्रि 02:37 बजे से पूर्व तक है । रात्रि 02:37 बजे से 04:33 बजे के समय को त्यागना चाहिए।
निर्णय सागर पंचांग नीमच का भी मत है कि होली का दहन 02 मार्च सोमवार को प्रदोष वेला में सूर्यास्त के बाद से 02 घंटे 24 मिनट में होलिका दहन शास्त्रोक्त है।
राजधानी पंचांग का मत भी 02 मार्च सोमवार को प्रदोष काल सहित भद्रा मुख को छोड़ कर 02:37 बजे से पूर्व होलिका दहन करना चाहिए। शिव शक्ति पंचांग जोधपुर का मत भी यही है । प्रदोष कल में 02 मार्च को भद्रा मुख से पूर्व होलिका दहन शास्त्रोक्त है। जैनी जियालाल जैन पंचांग में भी होलिका दहन 02 मार्च को ही है। 03 मार्च को धुलेड़ी 04 मार्च को बसंत उत्सव 08 मार्च रविवार को रंग पंचमी का त्यौहार रहेगा।

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