आईएएस सुरेश जैन कृत ग्रंथ‘नैनागिरी जैन तीर्थ : पुरातन से अद्यतन’ का मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा विमोचन*
छतरपुर।
मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में खजुराहो के समीप स्थित प्राचीन एवं ऐतिहासिक नैनागिरी जैन तीर्थ के पुरातात्विक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व को उजागर करने वाले ग्रंथ ‘नैनागिरी जैन तीर्थ : पुरातन से अद्यतन’ का विमोचन हाल ही में प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कर-कमलों से सम्पन्न हुआ।
यह महत्त्वपूर्ण ग्रंथ भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी श्री सुरेश जैन (आईएएस) एवं न्यायमूर्ति श्रीमती विमला जैन (भोपाल) द्वारा संयुक्त रूप से रचित है। ग्रंथ विमोचन अवसर पर पुरातत्व आयुक्त श्रीमती उर्मिला शुक्ला तथा उपसचिव श्री राजेश गुप्ता की गरिमामयी उपस्थिति रही।
इस अवसर पर जैन समाज, तीर्थ संरक्षण, पुरातत्व एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण से जुड़े विषयों पर सार्थक एवं विचारोत्तेजक चर्चा भी हुई।
उल्लेखनीय है कि नैनागिरी जैन तीर्थ, छतरपुर जिले की एक अमूल्य धरोहर है, जिसका इतिहास अत्यंत प्राचीन एवं गौरवशाली रहा है। विदित हो कि श्री सुरेश जैन के विदिशा कलेक्टर पदस्थापना काल में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण एवं राज्य पुरातत्व विभाग के सहयोग से विदिशा स्थित ईदगाह (बीजा मंडल) क्षेत्र में 2500 से अधिक प्राचीन प्रतिमाओं का उत्खनन, संरक्षण एवं दस्तावेजीकरण का कार्य सफलतापूर्वक सम्पन्न कराया गया था।
प्रस्तुत ग्रंथ में न केवल नैनागिरी जैन तीर्थ के प्राचीन इतिहास का तथ्यात्मक विवरण दिया गया है, बल्कि उसकी वर्तमान स्थिति, संरक्षण प्रयासों एवं भविष्य की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला गया है। यह कृति शोधार्थियों, इतिहासकारों, जैन समाज एवं सांस्कृतिक धरोहरों में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ ग्रंथ सिद्ध होगी।
राजेन्द्र जैन महावीर
सनावद
9407492577
चित्र परिचय :
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को ग्रंथ भेंट करते हुए लेखक श्री सुरेश जैन (आईएएस)। साथ में जैन तीर्थ नैनागिरी के अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र सिंघई, पुरातत्व आयुक्त श्रीमती उर्मिला शुक्ला एवं उपसचिव श्री राजेश गुप्ता।












