हरदुआ मध्य प्रदेश में हुआ जैन संत विश्रांत सागर महाराज का मंगल प्रवेश छोटे-छोटे बच्चों ने जय जयकारों के साथ समाज द्वारा अगवानी की
ग्राम हरदुआ मध्य प्रदेश
17 फरवरी मंगलवार 2026
प्रवचन केशरी मुनिश्री 108 विश्रान्त सागर जी गुरुदेव का हुआ आज हरदुआ म.प्र. से मंगल विहार जहाँ छोटे-छोटे बच्चों में दिगंबर सन्त के प्रति भक्ति, उत्साह व समर्पित गाजे-बाजे के साथ जिनालय में प्रवेश कराया
मन वास्तव में दिल को झकझोर देने वाले हैं आज आधुनिकता व व्यस्तता की चकाचोंद में बहुत कम बच्चों में धार्मिकता देखने को मिलती है सर्वथा नही परन्तु कहीं-कहीं देखने मे नजर आता है जहां अभिभावकों को ही मंदिर,सन्त,पूजन दर्शन व धर्म के लिए समय होता है वहाँ बच्चों को सिर्फ लौकिक शिक्षा के आधार पर ही प्रतिभाशाली माना जाता है बल्कि धर्म की जानकारी होना बच्चों को जरूरी होना चाहिए कुछ ऐसे ही दृश्य हमे देखने को मिलते हैं जब सन्तों के समागम हमे प्राप्त होते हैं मुनि भक्त प्रियंका जैन बूंदी देवपुरा राजस्थान ने जानकारी देते हुए बताया
दिगंबर संतो का छोटे-छोटे गांव में प्रदार्पण होना ही धर्म की बहुत बड़ी प्रभावना होती है इससे छोटे-छोटे बच्चों को धर्म और संतों की जानकारी प्राप्त होती है कि किस प्रकार अपने जीवन के अंदर हमारा जैन धर्म महत्वपूर्ण है जैन धर्म से बड़ा कोई धर्म नहीं जैन संत से बड़ा कोई संत नहीं आज के छोटे-छोटे बच्चे ही धर्म मार्ग को बढ़कर एक धर्म की पताका फहराते हैं धर्म कार्य से ही अपनी अनोखी पहचान समाज में बनाते हैं
दिगंबर संत ने सरकारी स्कूल में अपने प्रवचन में यह भी बताया की सबको बाट देना लेकिन इंसान को कभी मत बाटना मंदिर मस्जिद
धन दौलत अपनी प्रॉपर्टी मकान सब कुछ बाट देना परंतु इंसान को कभी मत बांटना इंसान को बांटने के बाद में सब चीज निरर्थक बेकार हो जाती है एक ज्ञान का मार्ग देने वाला घर में एक बुजुर्ग होता है सबको एक साथ लेकर चलता है सबको अपने अनुभव से ज्ञान देकर सत मार्ग का मार्ग बतलाता है
इंसान को कभी मत बांटना ऐसा संत ने अपने उद्बोधन में बताया
जैन संत विश्रांत सागर महाराज ने बच्चों को आशीष देते हुए कहा कि सब कार्य छोड़कर जैन मंदिर दर्शन करने प्रतिदिन आना यही तुम्हारे जीवन का सबसे बड़ा आगे बढ़ने का मार्गदर्शन बनेगा
महावीर कुमार सरावगी जैन गजट संवाददाता नैनवा जिला बूंदी राजस्थान















