लखनऊ।
गणतंत्र दिवस एवं उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के शुभ अवसर पर उत्तर प्रदेश की महामहिम राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल एवं उपमुख्यमंत्री माननीय ब्रजेश पाठक ने डॉ. सुनील जैन संचय (ललितपुर) को ‘जैन संस्कृति संवर्द्धन सम्मान’ से सम्मानित किया। यह अलंकरण समारोह 26 जनवरी 2026 को जनभवन (राजभवन), लखनऊ स्थित गांधी सभागार में आयोजित किया गया।
संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित इस भव्य अलंकरण समारोह में कला, संस्कृति, साहित्य, नाट्य, खेल तथा बौद्ध एवं जैन दर्शन के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली विशिष्ट विभूतियों को सम्मानित किया गया।
डॉ. सुनील जैन संचय को यह सम्मान जैन संस्कृति, दर्शन, साहित्य, लेखन एवं शोध के क्षेत्र में उनके सतत एवं बहुआयामी राष्ट्रीय स्तर के उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया गया। यह सम्मान वर्ष 2025–26 के लिए उ.प्र. जैन विद्या शोध संस्थान, लखनऊ की चयन समिति के निर्णय के आधार पर दिया गया, जिसकी अध्यक्षता संस्थान के उपाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) अभय कुमार जैन ने की।
महामहिम राज्यपाल ने डॉ. सुनील जैन संचय को प्रशस्ति पत्र, ₹51,000 की सम्मान राशि का चेक एवं शाल भेंट कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव (पर्यटन एवं संस्कृति) श्री अमृत अभिजात (आईएएस), निदेशक श्री अमित कुमार अग्निहोत्री, अपर मुख्य सचिव डॉ. सुधीर बोबडे, प्रो. (डॉ.) अभय कुमार जैन सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
अपने उद्बोधन में राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने सम्मानित विद्वानों, साहित्यकारों एवं सांस्कृतिक साधकों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि ऐसे सम्मान वर्षों की साधना और तपस्या का सम्मान होने के साथ-साथ भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी हैं।
उन्होंने गणतंत्र दिवस को भारत की लोकतांत्रिक चेतना, संवैधानिक मूल्यों और राष्ट्रीय आत्मगौरव का उत्सव बताया।
राज्यपाल ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे निर्भीक होकर आगे बढ़ें और जोखिम लेने से न घबराएँ, क्योंकि साहस ही नवाचार की पहली सीढ़ी है। जब युवा संकल्पित होते हैं, तभी विकसित भारत का सपना साकार होता है।
देश भर के अनेक साहित्यिक मनीषियों व अनेक संस्थाओं ने इस उपलब्धि के लिए डा सुनील संचय को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी ।
राजेन्द्र जैन महावीर
9407492577












