फागी कस्बे सहित परिक्षेत्र के जिनालयों में जैन धर्म के तीसरे तीर्थंकर संभव नाथ भगवान का मनाया मोक्ष कल्याणक हर्षोल्ल्लास पूर्वक
फागी संवाददाता
फागी कस्बे सहित परिक्षेत्र के चकवाडा, चोरू,नारेड़ा,मंडावरी, मेहंदवास, निमेडा, लसाडिया तथा लदाना सहित कस्बे के जिनालयों मे जैन धर्म के तीसरे तीर्थंकर संभव नाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक महोत्सव हर्षोल्ल्लास पूर्वक मनाया ,कार्यक्रम में जैन महासभा के प्रतिनिधि राजाबाबू गोधा ने अवगत कराया कि कस्बे के प्राचीन मंदिर आदिनाथ जिनालय में प्रातः श्री जी का अभिषेक, व सामूहिक रूप से शांतिधारा करने बाद अष्टद्रव्यों से पूजा अर्चना कर देश की सर्वोच्च साध्वी गणिनी आर्यिका ज्ञानमति माताजी, विशुद्ध मति माताजी,तथा आचार्य वर्धमान सागर जी महाराज, समाधिस्थ आचार्य विद्यासागर जी महाराज, गुणसागर जी महाराज सहित विभिन्न पूर्वाचार्यों के अर्घ्य अर्पित करने के बाद जैन धर्म के तीसरे तीर्थंकर संभव नाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक महोत्सव का लाडू चढ़ाकर सुख समृद्धि की कामना की गई,कार्यक्रम में समाज की मंजू कासलीवाल एवं मंजू छाबड़ा ने बताया की संभवनाथ भगवान जैन धर्म के तीसरे तीर्थंकर हैं, उनका जन्म श्रावस्ती नगरी में राजा जितारी और रानी सुषेणा के घर हुआ था, उनके आगमन से राज्य का अकाल दूर हुआ था इसलिए नाम संभव पड़ा, इनका चिन्ह घोड़ा है, संभवनाथ भगवान ने आत्म अनुशासन और अहिंसा तथा करुणा का मार्ग बताया था, संभवनाथ भगवान ने कठोर तपस्या करने के बाद शाश्वत तीर्थ सम्मेद शिखर से निर्वाण प्राप्त किया था, कार्यक्रम में कैलाश कासलीवाल, पंडित कैलाश कडीला ओमप्रकाश कासलीवाल,राजेश छाबड़ा, शांतिलाल मित्तल, शिखर गंगवाल, ललित कासलीवाल, एडवोकेट रवि जैन , राजकुमार छाबड़ा, अनिल कासलीवाल,भाविक कासलीवाल तथा राजाबाबू गोधा एवं कमला कासलीवाल, बसन्ती कडीला,चित्रा गोधा,मनभर कासलीवाल, मंजू छाबड़ा, रेखा धमाणा, मनीषा कासलीवाल, सीमा कासलीवाल, अंकिता गंगवाल, मनीषा कडिला सहित सभी श्रावक- श्राविकाएं मौजूद थे।
राजाबाबू गोधा जैन महासभा मिडिया प्रवक्ता राजस्थान












