फागी कस्बे सहित परिक्षेत्र के जिनालयों में जैन धर्म के 10 वें तीर्थंकर शीतलनाथ भगवान का मनाया जन्म एवं तप कल्याणक महोत्सव हर्षोल्ल्लास पूर्वक
फागी संवाददाता
फागी कस्बे सहित परिक्षेत्र के चकवाडा, चोरू,नारेड़ा,मंडावरी, मेहंदवास, निमेडा, लसाडिया तथा लदाना सहित कस्बे के जिनालयों में जैन धर्म 10 वें तीर्थंकर शीतलनाथ भगवान का जन्म एवं तप कल्याणक महोत्सव हर्षोल्ल्लास पूर्वक मनाया ,कार्यक्रम में जैन महासभा के प्रतिनिधि राजाबाबू गोधा ने अवगत कस्बे के श्री चंद्रप्रभु नसियां जी में प्रातः श्री जी का अभिषेक, शांतिधारा करने के बाद अष्टद्रव्यों से पूजा अर्चना कर आचार्य वर्धमान सागर जी महाराज,आचार्य सुनील सागर जी महाराज, आचार्य शशांक सागर जी महाराज, समाधिस्थ गुणसागर जी महाराज, आर्यिका आदिमति माताजी, गौरव मति माताजी सहित विभिन्न पूर्वाचार्यों के अर्घ्य अर्पित करने के बाद जैन धर्म के 10वें तीर्थंकर, शीतलनाथ भगवान का जयकारों के साथ जन्म एवं तप कल्याणक महोत्सव का अर्घ्य चढ़ाकर विश्व में सुख समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की गई
कार्यक्रम में समाज के सुरेश मांदी एवं रतनलाल नला ने संयुक्त रूप से बताया कि शीतलनाथ भगवान का जन्म भद्रिकापुर में इक्ष्वाकु वंश के राजा दृढ़रथ की पत्नी माता सुनंदा के गर्भ से माघ मास की कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि को हुआ था, शीतल नाथ भगवान के यक्ष का नाम ब्रहोश्वर और यक्षिणी का नाम अशोका देवी था, कार्यक्रम में महिला मंडल की संतोष बावड़ी एवं सुरज्ञानी देवी कठमाना ने बताया कि जैन मान्यताओं के अनुसार वे एक सिद्ध एक मुक्त आत्मा बन गए थे, जिन्होंने अपने सभी कर्मों का नाश कर दिया था, तथा शाश्वत तीर्थ सम्मेद शिखर पर्वत से मोक्ष प्राप्त किया था।
कार्यक्रम में कैलाश कलवाड़ा, सुरेश सांघी ,सुरेश मांदी, रतन लाल नला, टीकम गिंदोढी,महेंद्र बावड़ी,रमेश जैन बावड़ी, महेश बावड़ी, राजाबाबू गोधा , तथा सतोष बावड़ी, सुरज्ञानी देवी कठमाना,मैना जैन बावड़ी,सीतां बजाज, मंजु गर्ग,विमला मांदी, संजू गर्ग बावड़ी, ममता बावड़ी, नैना गर्ग सहित सभी श्रावक- श्राविकाएं मौजूद थे।
राजाबाबू गोधा जैन महासभा मिडिया प्रवक्ता राजस्थान












