डॉ संजीव सराफ को जिनवाणी गौरव अवार्ड से हुए अलंकृत
(रत्नेश जैन रागी बकस्वाहा)
अयोध्या (सागर) /- 500 से ज्यादा ग्रंथों की रचिता, जैन धर्म की 92 वर्ष की सर्वोच्च साध्वी परम पूज्य गणिनि प्रमुख आर्यिका श्री ज्ञानमती माताजी के मंगल सानिध्य में तीर्थंकर ऋषभदेव जैन विद्वत महासंघ द्वारा बड़ी मूर्ति जैन मंदिर अयोध्या में आयोजित राष्ट्रीय जैन सम्मेलन एवं अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन युवा परिषद के 50वें स्वर्ण जयंती समारोह एवं अवार्ड समर्पण के अवसर पर सागर यूनिवर्सिटी के पू्र्व छात्र, पूर्व डिप्टी लाइब्रेरियन और वर्तमान में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में पदस्थ डॉ. संजीव सराफ को जिनवाणी की सेवा में समर्पित योगदान के कारण जिनवाणी गौरव अवार्ड से सम्मानित किया गया। अवार्ड में इक्कीस हजार की नगद राशि, शाल, श्रीफल, ग्रन्थ, स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इस समारोह में शास्वत तीर्थ अयोध्या की श्री दिगंबर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी के पीठाधीश स्वस्ति श्री रविंद्रकीर्ति स्वामी जी, न्यायमूर्ति श्रीमती विमला जी जैन भोपाल , सुरेश जैन आईएएस भोपाल, आई आई टी रुड़की के प्रो. अशोक जैन, राष्ट्रीय तकनीकी संस्थान पटना के डायरेक्टर प्रो. पी. के. जैन, इंदौर यूनिवर्सिटी के डॉ. अनुपम जैन, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के प्रो. आशाराम त्रिपाठी एवं प्रो. आनंद वर्धन शर्मा, उत्तर प्रदेश की संस्कृति मंत्रालय के जैन विद्या शोध संस्थान के उप अध्यक्ष प्रो. अभय कुमार जैन, इंदौर यूनिवर्सिटी की पूर्व कुलपति प्रो. रेणु जैन, राजस्थान यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति प्रो. राजीव जैन, महासंघ महामंत्री विजय कुमार जैन, डॉ. जीवन प्रकाश जैन, हसमुख गांधी जैन, बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के डॉ. संजय जैन सहित अनेक गणमान्य महानुभावों की उपस्थिति रही। डा. संजीव सराफ को इस महत्वपूर्ण अवार्ड से सम्मानित होने पर भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी मध्यांचल के प्रचार प्रमुख एवं जैन तीर्थ नैनागिरि ट्रस्ट कमेटी के मंत्री व द्रोणगिरि सिद्धक्षेत्र के उपाध्यक्ष राजेश जैन रागी, द्रोणगिरि सिद्धक्षेत्र के ट्रस्ट मंत्री सुनील घुवारा, प्रबंध मंत्री सनत कुमार कुटोरा, प्राचार्य सुमतिप्रकाश सहित अनेक गणमान्य महानुभावों ने बधाई शुभकामनाएं प्रेषित की है।












