धार्मिक एवं समाजसेवा की भावना से ओतप्रोत है
ओमप्रकाश बड़जात्या
बंूदी। धार्मिक प्रवृत्ति वाले माता-पिता के संस्कारों से बच्चों के जीवन में कर्म, धर्म, सत्य, अहिंसा व सेवा के मार्ग पर चलने के संस्कार मिलते हैं।
ऐसे ही गुणों से संस्कारित हमारे बूंदी शहर के प्रतिष्ठित एवं धार्मिक परिवार एडवोेकेट स्व. मदनलाल जैन माताश्री कान्ही बाई के घर पर जन्म लेने वाले ओमप्रकाश जैन (बड़जात्या) है। उन्होंने बीकाॅम में राजकीय महाविद्यालय बूंदी में प्रथम स्थान प्राप्त किया। उसके उपरांत राजस्थान यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन कोस्ट एण्ड वर्क एकाउंटेंसी प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की। शिक्षा ग्रहण करने के बाद एसबीबीजे बैंक की ब्रांच बूंदी में एक लिपिक के पद पर पदभार ग्रहण किया। अपनी बैंक की सेवा के दौरान भी जैन धर्म के सिद्धांत जैसे बैंक में आने वाले असहाय व्यक्तियों की मदद करना, सरल स्वभावी रहना, सायंकाल के समय स्वाध्याय सभा में भाग लेना तथा 1995 से 2002 तक महावीर जैन पाठशाला के माध्यम से जैन धर्म की शिक्षा देना तथा जैन संस्कार शिविर लगाने जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। यह युवा अवस्था में ही जैन धर्म की कई संस्थाओं से जुड़ते हुए दशलक्षण पर्व तथा अन्य पर्वों पर बढ़-चढ़कर कई धार्मिक आयोजन करवाए।
एसबीआई बैंक देवली से मैनेजर के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद पूर्णरूपेण समाजसेवा मंे ही लग गए। जिसमें परमानेंट लोक अदालत के तीन वर्ष तक सदस्य रहे एवं डेढ़ वर्ष तक फैमिली वेलफेयर कमेटी के चैयरमेन भी रहे।
इसी दौरान वर्ष 2017 से 2021 तक खण्डेलवाल सरावगी समाज संस्थान बूंदी के अध्यक्ष के पद पर रहते हुए चैगान जैन नोहरा आश्रम आदिनाथ जैन मंदिर के शिखर का निर्माण तथा चैगान जैन नोहरे के सिंह द्वार का निर्माण करवाना महत्वपूर्ण कार्य है। महाराज व माताजी का आहार-विहार करवाना तथा समाज के कई समाजोत्थान का कार्य करने का लक्ष्य बना लिया। यह सकल जैन समाज के अध्यक्ष के रूप में दो वर्ष तक कार्य किया। वर्तमान में संरक्षक के पद पर सेवाएं दे रहे हैं तथा अभी दिगम्बर जैन खण्डेलवाल सरावगी समाज संस्थान के जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष के पद पर कार्य कर रहे हैं।
ओमप्रकाश जैन समाजिक संस्थाओं जैसे वर्ष 2000 में इंडियन जूनियर चैम्बर के अध्यक्ष रहे तथा वर्ष 2001 में इंडियन जूनियर चैम्बर युवा संगठन के राजस्थान के अध्यक्ष भी रहे हैं। संयोजक बनकर 10 से अधिक नेत्र शिविरों का आयोजन, पल्स पोलिया, विभिन्न स्कूलों गणवेश वितरण, अनाथालयों में जाकर अपनी सेवाएं प्रदान की। भारत विकास परिषद तथा इंडियन रेडक्राॅस सोसायटी के सदस्य बनकर जैन धर्म के सिद्धांत जीओ और जीने दो अनुरूप गरीब व असहाय व्यक्तियों को आर्थिक सहयोग करना तथा मेडिकल केम्प में भागीदारी निभाकर असहाय लोगों की सहायता करना, गरीबों को वस्त्र दान करते हुए सेवा का भाव ही एक लक्ष्य है।
यह वर्तमान नित्य श्री पाश्र्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर नाहर का चैहट्टा में भगवान के प्रक्षाल सेवा पूजन करते हैं। यह जैन गजट के नियमित पाठक हैं और समय समय पर जैन गजट को सेवा व समर्पण भाव से सहयोग करते रहते हैं।
-रविन्द्र काला
जैन गजट संवाददाता, बूंदी
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