तीर्थ सुरक्षित हैं तो धर्म सुरक्षित,
धर्म सुरक्षित है तो समाज सुरक्षित है—- उपाध्याय पियूष सागर जी महाराज
फागी संवाददाता
29 जनवरी
जयपुर श्री त्रिलोक और शोध संस्थान जम्बूद्वीप हस्तिनापुर के अंतर्गत अनेक तीर्थ क्षेत्र ,तीर्थंकरों की जन्म भूमि,कुंडलपुर ,अयोध्या, मांगीतुंगी, हस्तिनापुर तीर्थ क्षेत्रों का विकास पीठाधीश स्वस्ति श्री रवीन्द्र कीर्ति स्वामी जी की देखरेख में बड़े ही सुंदर तरीके से हुए हैं, इस संबंध में परम पूज्य अन्तर्मना प्रसन्न सागर जी महाराज के संघस्थ उपाध्याय श्री पीयूष सागर जी महाराज ने अपने उद्बोधन में गायत्री नगर स्थित आदिनाथ भवन में प्रकट किए। उन्होंने कहा कि तीर्थों का संरक्षण ,विकास और सही समय पर पूर्ण करना हो तो परम पूज्या गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी का मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया जाए, प्रज्ञाश्रमणी श्री चंदनामती माताजी का मार्गदर्शन प्राप्त किया जाए और स्वस्ति श्री रवीन्द्र कीर्ति स्वामी जी का प्रबन्धन , सहयोग प्राप्त किया जाए और उनकी देखरेख में विकास कार्य करवाये जायें जाए, कार्यक्रम में उपाध्याय श्री ने कहा कि तीर्थ सुरक्षित है तो धर्म सुरक्षित है धर्म सुरक्षित है तो समाज सुरक्षित है समाज सुरक्षित है तो व्यक्ति सुरक्षित है, तीर्थो की सुरक्षा में श्रेष्ठी,समाज व युवा अपना योगदान जरुर जरुर देवें ,इस अवसर पर अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन युवा परिषद् के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन जयपुर , जैन गजट के राष्ट्रीय संवाददाता राजा बाबू गोधा फागी, ज्ञान मति दीक्षा स्थली माधोराजपुरा के संतोष रांवका, गायत्री नगर मंदिर समिति के अध्यक्ष कैलाश छाबड़ा,अरूण शाह,एडवोकेट विमल बाकलीवाल,आदि गणमान्य महानुभाव उपस्थित थे।
राजाबाबू गोधा जैन गजट संवाददाता राजस्थान












