धर्म की क्रिया बीमारियों की सबसे बड़ी औषधि है

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धर्म की क्रिया बीमारियों की सबसे बड़ी औषधि है

गणिनी आर्यिका स्वस्ति भूषण माताजी
नैनवा जिला बूंदी 23 मार्च सोमवार पर धर्म सभा से पूर्व मंगलाचरण की प्रस्तुति श्रीमती विनीता जैन अजमेरा द्धारा दी गई
भगवान के चित्र पर दीप प्रचलित समिति द्वारा किया गया
आर्यिका स्वस्ति भूषण माताजी ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए बताया समय की कीमत मनुष्य को समझना चाहिए समय किसी का इंतजार नहीं करता समय पर काम करने वाले व्यक्ति आगे बढ़ जाता है समय को भूलने वाला व्यक्ति पीछे रह जाता है
माता ने यह भी बताया कि शरीर की शक्ति आत्मा में है मनुष्य अपने शरीर के लिए खाना पीना नहाना मकान आदि भोग की सभी वस्तुएं जुटाता आ रहा है परंतु अपनी आत्मा के लिए आज तक उसने कुछ कर ही नहीं पाया आत्मा के लिए समय निकालने पर ही परमात्मा के दर्शन प्राप्त होंगे
आज संसार में पढ़ लिख कर बड़े-बड़े डॉक्टर राजनेता इंजीनियर बड़े-बड़े व्यापारी बन जाते हैं यह सब आत्मा के द्वारा ही बनते हैं शरीर से नहीं
डॉक्टर इंजीनियर डिग्री के बाद उन्हें लोग काम के बदले दाम देते हैं कोई उन्हें नमोस्तु तो नहीं करता कोई उनके चरण स्पर्श नहीं करता

केवल इस संसार में निस्वार्थ भावना से धर्म का सब उपदेश देने वाले
दिगंबर संत माताजी ज्ञान देकर संसार से भटकते हुए प्राणी को ज्ञान का मार्ग पर लाते हैं इसलिए संसार का प्राणी सदैव साधु संतों के चरणों का आशीष के लिए प्रतीक्षा करता रहता है
माता ने बताया कि जितना समय आज मनुष्य आईना के सामने खड़े *रहकर श्रृंगार में व्यतीत करता है उतना समय ईश्वर की प्रतिमा के सामने खड़े होकर उसकी भक्ति करने में लगे तो संसार की सारी बाधाये से मुक्ति मिलने का एक मार्ग
माता ने बताया
स्मार्ट गर्ल्स प्रशिक्षण
दो दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ कल होगा शांति वीर धर्म स्थल पर 24 व 25
महावीर कुमार सरावगी
दिगंबर जैन समाज प्रवक्ता
नैनवां

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