चौपाल पत्रकारिता का छोटा रूप है, ये परम्परा आगे बढ़े, दोस्ती से सेवा मजबूत बने—–हरीश यशवंत जैन
महावीर इंटरनेशनल की ई चौपाल में शुक्रवार के विशिष्ट वक्ता दैनिक भौर वैभव के चीफ एडिटर तथा एलपीजो हॉस्पिटल डोंबिवली मुंबई के पार्टनर हरीश यशवंत जैन थे।
इंटरनेशनल डायरेक्टर नॉलेज शेयरिंग एवं ई चौपाल अजीत कोठिया के संयोजन में आयोजित भेटवार्ता में हरीश जैन कहा की चौपाल हमारी प्राचीन परम्परा है और ये पत्रकारिता का छोटा रूप है। महावीर इंटरनेशनल अपनी रोजाना लगने वाली ई चौपाल से इस देश की सभ्यता और संस्कृति तथा विचारों की सशक्त अभिव्यक्ति के लिए मंच सुलभ करा पुनीत कार्य कर रहा है। दैनिक भोर वैभव के प्रधान संपादक हरीश जैन ने कहा की वे भगवान महावीर के सिद्धांतों के प्रचार प्रसार ओर पीड़ित मानवता सेवा के लिए मुंबई में शीघ्र ही महावीर इंटरनेशनल का एक नया सेवा केंद्र प्रारंभ करेंगे। जैन ने संस्कृत आधारित गुरु की परिभाषा बताते हुए कहा कि इसके पांच रूप होते हैं,1. अध्यापक जो इनफॉर्मेशन देता है 2. उपाध्याय जो नॉलेज और इनफॉर्मेशन दोनों देते हैं 3. पंडित जो विषय विशेष के ज्ञानी होते हैं 4. आचार्य जो स्किल देते हैं और 5. गुरु जो अंधेरे से उजाले की ओर ले जाते हैं। जैन ने कई छोटी छोटी कहानियों के माध्यम से गुरु की महत्ता बताई ओर कहा कि जिसका कोई गुरु नहीं उसका जीवन शुरू नहीं। वर्तमान में हॉट टॉपिक जेन ज़ी (Gen z) पर विस्तार से जानकारी प्रदान करते हुए हरीश जैन ने कहा कि बच्चों के दोस्त मत बनिए उनके माता पिता बनिए, क्योंकि बच्चो को पैसा नहीं माता पिता चाहिए।
इस मौके पर पुरुषोत्तम भंडारी पूर्व अंतर्राष्ट्रीय महासचिव महावीर इंटरनेशनल के आग्रह पर हरीश जैन ने अपने चिकित्सालय में महावीर इंटरनेशनल परिवार ओर अन्य आर्थिक दृष्टि से कमजोर लोगो को रियायती दरों पर चिकित्सा करने की घोषणा की। कुछ मामले में उन्होंने चिकित्सा व्यय में शत प्रतिशत छूट की घोषणा की।
जैन ने अशोक भंडारी, पुरुषोत्तम भंडारी, राजलक्ष्मी भंडारी, महेश मूंड, संजय बेद, डा., निष्ठा जैन आर्मेनिया, चंद्रा रांका, की जिज्ञासाओं का सटीक समाधान किया। प्रारंभ में प्रार्थना संजय बेद ने की, परिचय पुरुषोत्तम भंडारी ने दिया। अपने चुटिले सवालों से अजीत कोठिया ने चौपाल को काव्य रस से परिपूर्ण किया। संचालन अजीत कोठिया ने किया आभार पुरुषोत्तम भंडारी एवं संजय बेद ने किया।
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