बूंदी की मनोरमा जैन ग्रस्त जीवन त्याग कर क्षुल्लिका वासूपुज्यमति बनी

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बूंदी की मनोरमा जैन ग्रस्त जीवन त्याग कर क्षुल्लिका वासूपुज्यमति बनी

असार संसार का सुख त्याग कर मोक्ष मार्ग की ओर बड़ी मनोरमा जैन
नैनवा जिला बूंदी 18 फरवरी बुधवार 2026
जिला बूंदी की रहने वाली ग्रस्त जीवन त्याग कर मनोरमा जैन 72 वर्षीय सोमवार को जैन साध्वी जीवन ग्रहण किया
अतिशेष क्षेत्र पदमपुरा में भव्य पंचकल्याण महोत्सव वासु पूज्य भगवान के जन्म तप कल्याण दिवस पर आचार्य 108 वर्धमान सागर महाराज से दीक्षा ली
इस अवसर पर आचार्य वर्धमान सागर महाराज ने बताया की दीक्षा का अर्थ है सांसारिक सभी भोग वस्तुओं का त्याग करके इच्छाओं का दमन करना ही दीक्षा है दीक्षा का सही अर्थ यही है कि अपना नाम पता एड्रेस परिवर्तन होना ही दीक्षा कहलाती है
इस अवसर पर गणिनी आर्यिका सरस्वती मति गणिनी आर्यिका स्वस्तिक भूषण माताजी के सानिध्य आचार्य श्री के द्वारा दीक्षार्थी के पंचमुखी कैसे लोच किया तथा दीक्षा संस्कार पर मस्तक पर अपने हाथों से किया
दीक्षा के बाद अजमेरा परिवार बूंदी द्वारा छुल्लिका को पीछी कमंडल शास्त्र एवं कपड़े भेंट किया
आचार्य 108 वर्धमान सागर जी महाराज के द्वारा 119 वी दीक्षाएं संपन्न कराई गई
अपार भक्तों ने अपनी आंखों से वैराग्य का दृश्य देखा गया भक्तों ने कहा यह सच्चा त्याग है
महावीर कुमार सरावगी जैन गजट संवाददाता नैनवा जिला बूंदी राजस्थान

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