बोलखेड़ा पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव:- दूसरा दिवस उत्तर गर्भ कल्याणक

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बोलखेड़ा पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव:- दूसरा दिवस उत्तर गर्भ कल्याणक

गर्भ कल्याणक केवल जन्म की पूर्व घटना नहीं, बल्कि एक दिव्य ऊर्जा के आगमन का उत्सव है:- मुनि प्रणम्य सागर
जैन धर्म के अंतिम अनुबद्ध केवली भगवान जम्बू स्वामी की तपोभूमि ग्राम बोलखेड़ा में चल रहे जैन धर्म के पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के दूसरे दिन उत्तर गर्भकल्याणक के अवसर पर अर्हम योग प्रणेता मुनि प्रणम्य सागर महाराज ने कहा कि गर्भ कल्याणक केवल जन्म की पूर्व घटना नहीं, बल्कि एक दिव्य ऊर्जा के आगमन का उत्सव है जो विश्व में सुख और धर्म की स्थापना का सूचक होता है।
उन्होंने कहा कि गर्भ कल्याणक जैन धर्म में तीर्थंकर की आत्मा के माता के गर्भ में आने की पहली महा-घटना है। जो असीम सुख, शांति व मांगलिकता लाती है। इस समय इंद्र द्वारा रत्नवृष्टि, देवों द्वारा माता की सेवा व चारों ओर दुर्भिक्ष का नाश होता है, जो शुद्ध आत्मा के अवतरण और आत्मिक जागृति का प्रतीक होता है।
मरुदेवी माता की गोद भराई अयोध्या नगरी के महाराज नाभिराय की महारानी मरुदेवी की कुक्षी में तीर्थंकर के आगमन की खुशियां सम्पूर्ण प्रजा के द्वारा मनाई जाती है उसी के प्रतीक में जैन श्रावक व श्राविकाओं द्वारा अस्थाई निर्मित अयोध्या नगरी में माता की गोद भराई की गयी, इस अवसर पर अष्टकुमारीयों द्वारा माता की सेवा कर मंगल गान गाये गए। इस अवसर पर सौधर्म सभा का आयोजन हुआ, जहां इंद्र का आसन कम्पायमान होने लगता है तो वह अवधि ज्ञान से जान लेते हैं कि तीर्थंकर प्रभु माता के गर्भ में आने वाले हैं। अपने परम मित्र कुबेर को अयोध्या नगरी के निर्माण का आदेश प्रदान करते हैं।जहां देवो द्वारा जन्म से पंद्रह माह पूर्व ही प्रतिदिन रत्न वृष्टि की जाती है। सम्पूर्ण दृश्य का मंचन देख उपस्थित श्रावक भाव विभोर हो रहे हैं। मंगलवार को जन्मकल्याणक मनाया जाएगा प्रतिष्ठाचार्य धीरज जैन व शुभम जैन के अनुसार मंगलवार को अयोध्या नगरी में भगवान का जन्मकल्याणक महोत्सव मनाया जाएगा जिसके उपलक्ष्य में गांव में विशाल जुलूस निकाला जाएगा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जैन श्रावक भाग ले रहे हैं। गोकुल राम ट्रस्ट के अध्यक्ष गोकुल राम जैन ने आह्वान किया कि अधिक संख्या में सम्मिलित होकर पुण्य का संचय करे।

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