ब्रह्मचारी उत्तमचंद जी ने आज समता पूर्वक उत्तम समाधि के साथ मृत्यु का वरण किया
इंदौर। दिगंबर जैन समाज छत्रपति नगर के धर्मनिष्ठ गढ़िया वाला परिवार के पितृपुरुष एवं सुनील सुरेंद्र जैन के अष्टम प्रतिमाधारी पूज्य पिता ब्रह्मचारी श्री उत्तमचंदजी(85) ने आज प्रातः 6:45 बजे एमजी रोड स्थित उदासीन आश्रम में अनेकों ब्रह्मचारी भाइयों के सानिध्य एवं वंदनीय आर्यिका विज्ञानमति माताजी के मुखारविंद से धर्म संबोधन श्रवण करते हुए समता एवं शांतिपूर्वक समाधि के साथ मृत्यु का वरण कर अपने मरण को मांगलिक बना लिया।
आप पिछले 18 वर्षों से उदासीन उदासीन आश्रम में ब्रह्मचारी के रूप में रहकर अपना आत्म कल्याण करने के लिये आत्म साधना,धर्म साधना कर रहे थे।
सुबह 7:30 बजे उदासीन आश्रम से उनकी अंतिम यात्रा निकल कर जूनी इंदौर मुक्तिधाम पहुंची जहां उनके परिवारजनों, अनेकों ब्रह्मचारीगण एवं समाज श्रेष्ठीयों की उपस्थिति में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दादू ने बताया कि इस अवसर पर वहां आयोजित शोक सभा में उदासीन आश्रम के अधिष्ठाता ब्रह्मचारी अनिल भैया, सुनील भैया,जिनेश भैया, मुकेश भैया, हरीश
भैया एवं परवार समाज के अध्यक्ष राजेश जैन लॉरेल, छत्रपति नगर समाज के कार्याध्यक्ष डॉ जैनेंद्र जैन, वास्तुविद डॉ राजेंद्र जैन, सिंपल जैन कमल चैलेंजर एवं श्रीमती रचना मनीषा जैन ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
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