भोजन शरीर के लिए ही होना चाहिए स्वाद के लिए नहीं

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भोजन शरीर के लिए ही होना चाहिए स्वाद के लिए नहीं

(गणिनी आर्यिका रत्न स्वस्ति भूषण माताजी)
6 अप्रैल सोमवार 2026
केशवरायपाटन के अतिशय क्षेत्र पर विराजमान स्वस्ति भूषण माताजी ने रविवार को अपार धर्म सभा को संबोधित करते हुए बताया
11 मार्च को 1008 मुनि सुव्रतनाथ भगवान का शनिवार को अपार धर्म प्रभावना से मडल विधानसभा होगा
यह भक्तों की आस्था का बहुत बड़ा केंद्र है इसमें अधिक से अधिक भक्त बैठकर अपने पुण्य का संचय जरूर करें
माता ने यह भी बताया कि आज के समय में हमारा भोजन बहुत ही असंतुलित है भोजन शरीर के पोषण के लिए होना चाहिए ना की जीभ के स्वाद के लिए छटपटा भोजन करें हमारे जीभ पर कंट्रोल बिल्कुल नहीं है जिसको मोटापा पकड़ डालें कहने का तात्पर्य है कि ना तो असयमित होकर अधिक खाना खाते नहीं कम खाना खाने के कारण पोषक तत्व शरीर को प्राप्त नहीं होता है तो शारीरिक कमजोरी बीमारियां उत्पन्न होना प्रारंभ हो जाती है इस शरीर में बीमारी कब उत्पन्न हो जाए इसका कोई भरोसा नहीं है इस शरीर का धारी चाहे कोई साधु क्यों ना हो बीमारी किसी को भी छोड़नी नहीं है इसलिए हमें हमेशा संतुलित एवं पोषक तत्वों से भरपूर भोजन लेना चाहिए
माता ने बताया कि अपने शरीर के अंगों को हमेशा शुभ कार्य में लगाकर ही इनका लाभ प्राप्त करना चाहिए आंखों से भगवान के दर्शन मुंह से भगवान की वाणी पैरों से तीर्थ वंदना कानों से शास्त्रों का ज्ञान साधु के प्रवचन इन कार्यों में लगाने से अपने शरीर के संपूर्ण अंग अंतिम समय तक अपना साथ देते हैं
उन्हें डॉक्टरों के पास इलाज करने के लिए बहुत ही काम जाना पड़ता है अधिकांश भगवान की भक्ति से ठीक हो जाते हैं ऐसा माता ने उद्बोधन में बताया
महावीर कुमार सरावगी जैन गजट संवाददाता नैनवा जिला बूंदी राजस्थान

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