भारत के दिगंबर जैन तीर्थों पर प्रामाणिक ग्रंथों के प्रकाशन की कार्ययोजना पर मंथन

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भारत के दिगंबर जैन तीर्थों पर प्रामाणिक ग्रंथों के प्रकाशन की कार्ययोजना पर मंथन
शतकोत्तर रजत स्थापना वर्ष के अंतर्गत बीटीआईआरटी सागर में हुई महत्वपूर्ण बैठक

सागर //रत्नेश जैन रागी बकस्वाहा// – भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी के शतकोत्तर रजत स्थापना वर्ष के उपलक्ष्य में “भारत के दिगंबर जैन तीर्थ” विषय पर बहुखंडीय ग्रंथों के प्रकाशन की योजना को मूर्त रूप देने हेतु एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन बी.टी.आई.आर.टी. सागर में किया गया। बैठक की अध्यक्षता डॉ. अनुपम जैन ने की।
बैठक में शतकोत्तर रजत स्थापना वर्ष के संयोजक जवाहर जैन सिकंदराबाद ने वर्ष भर आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थ क्षेत्र कमेटी के अध्यक्ष जम्बूप्रसाद जैन गाजियाबाद की अध्यक्षता में लिए गए निर्णय अनुसार दिगंबर जैन तीर्थों के विस्तृत, प्रामाणिक परिचय को विभिन्न खंडों में प्रकाशित किया जाएगा।
अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. अनुपम जैन इंदौर ने कहा कि भारतवर्ष में स्थित निर्वाण क्षेत्र, कल्याणक क्षेत्र एवं प्रमुख अतिशय क्षेत्रों का व्यापक सर्वेक्षण कर प्रमाणिक एवं ऐतिहासिक दृष्टि से प्रामाणिक ग्रंथों का प्रकाशन किया जाना प्रस्तावित है। इसी उद्देश्य से रूपरेखा तय करने हेतु यह बैठक आयोजित की गई।
कमेटी के राष्ट्रीय मंत्री हंसमुख गांधी इंदौर ने बताया कि लगभग 50 वर्ष पूर्व श्री बलभद्र जैन द्वारा तीर्थों के परिचय के पाँच खंड प्रकाशित किए गए थे, किंतु समय के साथ अनेक परिवर्तन हो चुके हैं। ऐसे में वर्तमान संदर्भों के अनुरूप नवीन प्रकाशन अत्यंत आवश्यक हो गया है।
बैठक में लेखक/संपादक मंडल का गठन करते हुए अंचलवार दायित्व सौंपे गए जिसमें राजस्थान प्रांत – डॉ. नरेंद्र कुमार जैन टीकमगढ़, उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड – डॉ. सुनील जैन संचय ललितपुर, मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ – राजेन्द्र महावीर सनावद
झारखंड, बिहार, उड़ीसा, बंगाल, असम – प्राचार्य सुरेन्द्र कुमार जैन भगवा, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु – विजय जैन बाबा जी । महाराष्ट्र सहित अन्य प्रांतों के दायित्व अगली बैठक में तय किए जाएंगे। तीर्थों के संपूर्ण एवं प्रामाणिक विवरण हेतु लेखकगण संबंधित तीर्थों पर प्रत्यक्ष भ्रमण करेंगे, जिसकी विधिवत सूचना तीर्थ क्षेत्र कमेटी द्वारा संबंधित तीर्थ कमेटियों को दी जाएगी।
डॉ. सुनील जैन संचय, ललितपुर
संयुक्त महामंत्री- भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड एवं राजेश जैन रागी बकस्वाहा, प्रचार प्रमुख – भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी मध्यांचल – छत्तीसगढ़ ने बताया कि इस संपूर्ण कार्ययोजना का मुख्य कार्यालय बी.टी.आई.आर.टी., सागर को बनाया गया है। इसके लिए संतोष जैन घड़ी, कार्याध्यक्ष, भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी (मध्यांचल) को समन्वयक मनोनीत किया गया।
इस अवसर पर बी.टी.आई.आर.टी. सागर की ओर से चेयरमैन संतोष जैन घड़ी, डायरेक्टर डॉ. सतेन्द्र जैन, श्रेयांस जैन एवं मनोज बंगेला सहित अन्य सहयोगियों ने सभी अतिथियों एवं पदाधिकारियों का स्मृति-चिह्न, माला, श्रीफल एवं दुपट्टा भेंट कर स्वागत किया। साथ ही तीर्थक्षेत्र कमेटी की ओर से श्रेष्ठी संतोष कुमार जैन घड़ी को सफलतम पंचकल्याणक महोत्सव के पुण्यार्जन हेतु विशेष सम्मान प्रदान किया गया।
बैठक का संचालन डॉ. सुनील जैन संचय ने किया, जबकि कमेटी की ओर से श्रीमती मीनू जैन (प्रचारमंत्री) गाजियाबाद ने आभार व्यक्त किया।
बैठक उपरांत बाबूलाल ताराबाई इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी (BTIRT) का अवलोकन चेयरमैन संतोष कुमार जैन घड़ी एवं डायरेक्टर डॉ. सतेन्द्र जैन द्वारा कराया गया।
ग्रंथ प्रकाशन समिति के प्रधान संपादक डॉ अनुपम जैन, अध्यक्ष जवाहर जैन, समन्वयक संतोष कुमार जैन घड़ी, प्रतिनिधि हंसमुख गांधी तथा लेखक मंडल में डॉ. नरेंद्र कुमार जैन टीकमगढ़, प्राचार्य सुरेन्द्र कुमार जैन भगवा , डॉ. सुनील जैन संचय ललितपुर, राजेन्द्र महावीर सनावद एवं विजय जैन बाबा जी को मनोनीत किया गया।

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