भगवान मल्लिनाथ मोक्ष कल्याणक महा महोत्सव
कोलकाता (हावड़ा ) जिस तरह दिन की शुरुवात देव दर्शन से की जाती हैं उसी तरह से आज दिन रविवार फाल्गुन शुक्ल पंचमी को श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मन्दिर जी डबसन हावड़ा कोलकाता में अभिषेक शांतिधारा के बाद बहुत ही भक्तिभाव एवं उत्साह पूर्वक जैन धर्म के वर्तमान चौबीसी के उन्नीसवें तीर्थंकर 1008 भगवान मल्लिनाथ का निर्वाण लाडू चढ़ाया गया
भगवान मल्लिनाथ जैन धर्म वर्तमान चौबीसी के 19वें तीर्थंकर हैं,जिनका जन्म मिथिलापुरी के इक्ष्वाकु वंश में राजा कुम्भ और रानी प्रभावती के घर हुआ था। इनका जन्म मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी को हुआ था,इनका चिन्ह कलश है।
जैन इतिहास में वे एक अत्यंत विरक्त आत्मा माने जाते हैं, जो पूर्व जन्म के तप के प्रभाव से इस जन्म में भी वैराग्यपूर्ण रहे और उन्होंने विवाह नहीं किया
उन्हें मुख्य रूप से तप, वैराग्य और आत्म-साक्षात्कार का प्रतीक माना जाता है। उनके शासनकाल में शांति और धर्म का विशेष प्रसार हुआ
ब्रह्मचारी मिलाप जी गंगवाल,शैलेश गंगवाल,भागचंद बड़जात्या ,विनोद गंगवाल,नितेश जैन, उर्मिला गंगवाल,राजेन्द्र जैन, इंद्रा देवी पहाड़िया,अंशु जैन,सजन झांझरी आदि सभी साधर्मी बंधुओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया
इस भव्य धार्मिक कार्यक्रम में हावड़ा डबसन सहित आसपास के क्षेत्रों से अनेक श्रद्धालु व गणमान्य जन उपस्थित रहे।
















