भगवान महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव: युद्ध की विभीषिका के बीच विश्व को ‘जियो और जीने दो’ का संदेश; शांति और अहिंसा की उठी पुरजोर मांग राजेश जैन दद्दू

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भगवान महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव: युद्ध की विभीषिका के बीच विश्व को ‘जियो और जीने दो’ का संदेश; शांति और अहिंसा की उठी पुरजोर मांग
राजेश जैन दद्दू

इंदौर:
तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी के 2625वें जन्म कल्याणक महोत्सव के पावन अवसर पर संपूर्ण विश्व में अहिंसा और करुणा की लहर व्याप्त है। वीश्व जैन संगठन एवं राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ के अध्यक्ष मंयक जैन एवं प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने कहा कि
आज जब विश्व के कई हिस्से युद्ध की आग में जल रहे हैं, तब महावीर प्रभु का कालजयी संदेश ‘जियो और जीने दो’ मानवता के लिए एकमात्र संजीवनी बनकर उभरा है।
वैश्विक अशांति के बीच अहिंसा की प्रासंगिकता। दद्दू ने कहा कि
वर्तमान समय में जहाँ राष्ट्रों के बीच तनाव और युद्ध का माहौल है, जैन समाज और अहिंसा प्रेमियों ने वैश्विक शांति की अपील की है।
युद्ध का विकल्प केवल शांति: संदेश स्पष्ट है कि हिंसा कभी समाधान नहीं हो सकती। भगवान महावीर का दर्शन सिखाता है कि विजय दूसरों को हराने में नहीं, बल्कि अपनी इच्छाओं और क्रोध पर विजय पाने में है।
राम राज्य की संकल्पना: पूरे विश्व में एक ऐसे ‘राम राज्य’ की परिकल्पना की गई है जहाँ पशु-पक्षी से लेकर मनुष्य तक, प्रत्येक जीव भयमुक्त होकर जी सके। मयंक जैन ने सरकार से मांग करते हुए कहा की अहिंसक राष्ट्र और जीव दया
इस पावन जन्म कल्याणक महोत्सव पर सरकार से निम्नलिखित ठोस कदम उठाने का आग्रह किया गया है:
मांस बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध का सख्ती से पालन: भगवान महावीर के जन्म कल्याणक पर देशभर में नॉन-वेज की दुकानें और बूचड़खाने पूरी तरह बंद रखे जाएं।
मांग है कि सरकारी आदेशों का पालन केवल कागजों पर न होकर धरातल पर अत्यंत सख्ती से किया जाए।
मांस निर्यात सब्सिडी की समाप्ति: पशु मांस की बिक्री और इसके निर्यात पर दी जाने वाली किसी भी प्रकार की सरकारी सब्सिडी को तत्काल बंद किया जाए। करदाताओं का पैसा मूक प्राणियों की हत्या को बढ़ावा देने में खर्च न हो।
जैन कल्याण बोर्ड का गठन: जैन समाज के संरक्षण और विकास के लिए हर राज्य में ‘जैन कल्याण बोर्ड’ और केंद्र स्तर पर एक ‘सेंट्रल जैन कल्याण बोर्ड’ की स्थापना की जाए।
तीर्थों का संरक्षण: जैन तीर्थ स्थलों की पवित्रता को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए उन्हें ‘अहिंसा क्षेत्र’ घोषित कर विशेष सुरक्षा प्रदान की जाए।
प्राणी मात्र का कल्याण: विश्व के लिए संदेश
भगवान महावीर ने सिखाया कि आत्मा हर जीव में समान है। आज के युद्धग्रस्त युग में, यदि शक्तिशाली राष्ट्र ‘अहिंसा परमो धर्म’ के सूत्र को अपना लें, तो विनाशकारी हथियारों की जगह संसाधनों का उपयोग मानवता की सेवा में हो सकेगा।
यह जन्म कल्याणक महोत्सव केवल एक समुदाय का उत्सव नहीं, बल्कि संपूर्ण ब्रह्मांड के कल्याण का संकल्प है।

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