आर्यिका स्वस्ति भूषण माताजी के मंगल प्रवेश मैं उमड़ा जन सैलाब

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आर्यिका स्वस्ति भूषण माताजी के मंगल प्रवेश मैं उमड़ा जन सैलाब
शराब से भी बड़ा व्यसन आज का मोबाइल है
नैनवा 22 मार्च रविवार प्रातः 8:00 बजे चंद्रप्रभु नसिया पर गणिनी आर्यिका 105 स्वाति भूषण माताजी संघ का संपूर्ण जैन समाज द्वारा भव्य अगवानी की
वहां से गाजे-बाजे के साथ माताजी दीपक मेडिकल गढ़पोल दरवाजा होते हुए शांति वीर धर्म स्थल पर पहुंचे
रास्ते में जगह-जगह पर तोरण द्वार रंगोली पुष्य वर्षा कर माताजी का पाद पक्षालन किया गया
शांति वीर धर्म स्थल पर महिला मंडलों द्वारा थाल सजाकर माताजी का पाद पक्षालन कर प्रवेश कराया
भगवान महावीर के चित्र पर दीप प्रज्वलित बाहर के पधारे सभी अतिथियों द्वारा किया
गायू ग्रुप द्वारा नृत्य की प्रस्तुति दी
मंगलाचरण की प्रस्तुति श्रीमती शिवानी जैन हरसोरा द्वारा
धर्म सभा उद्बोधन महावीर सरावगी द्वारा
धर्म सभा संचालन मोहन मारवाड़ा विनोद बनी

धर्म सभा को स्वस्ति भूषण माताजी ने बताया
आज के युवा वर्ग को संबोधित करते हुए माताजी ने बताया की शराब के नशे से ज्यादा मोबाइल का नशा है इससे 70% समय का दुरुपयोग हो रहा है भाई-बहन पति-पत्नी दोनों में आए दिन इतने झगड़ा उत्पात मच रहे हैं यह सब कारण मोबाइल बना हुआ है
स्वस्ति धाम जहाजपुर का शीला न्यास जैन मंदिर का नैनवा द्वारा ही किया गया ऐसा माता ने बताया जयकुमार जैन बीड़ी वाले द्वारा इसक शिलान्यास हुआ था
के पाटन गुलाबचंद जैन समिति सदस्यों ने पत्रिका का विमोचन कराया
स्वस्तिक संदेश पत्रिका का विमोचन हुआ
गुरु माता ने यह भी बताया की धर्म गुरु के वचनों से तुम दुर्गति में जाने से निश्चित रूप से बच जाओगे
संसार की भोगों की वस्तुओं से रोग उत्पन्न होता है भोग ही रोगों का कारण बताया
शरीर आत्मा दोनों ही अलग है
शरीर का काम अपना श्रृंगार करना अच्छे वस्त्र पहनाना अच्छी वस्तुएं खाना ही है
आत्मा अज्ञानी को भी आत्मा द्वारा का ज्ञान देकर धर्म मार्ग पर लगा देती है
आज मनुष्य को अपनी पहचान नाम से नहीं उसके काम से होती है
प्रत्येक आत्मा में शक्ति है पहलवान जो होगा वह शरीर से लड़ेगा तभी उसे पहलवान कहा जाएगा
आज मनुष्य का शरीर भी एक मशीन के समान है थोड़ी सी भी शरीर के किसी भी अंग में खराबी आने पर वह काम करना बंद कर देती है और बीमारियां उत्पन्न हो जाती है
माता ने भी बताया कि शरीर और आत्मा दोनों अलग है आज तुम माता का प्रवचन सुनाने आए हो यह किसके कहने से आए हो शरीर या आत्मा भक्तों ने बताया आत्मा के कहने से शरीर चलकर यहां आया है जब तुम्हें सत उपदेश सुनने को मिलेगा ऐसा गुरु माता ने बताया
माता जी के प्रवचन में जयपुर कोटा बूंदी आलोद सावंतगढ़ जजावर रानीपुर के पाटन अनेक जगह से भक्तों ने आकर धर्म लाभ प्राप्त किया
दिगंबर जैन समाज प्रवक्ता महावीर सरावगी

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