अणुबम में नहीं अणुव्रत में विश्व शान्ति निहित है: युद्ध की विभीषिका सभी के लिए घातक: दोनों पक्ष शांति रखे: महावीर इंटरनेशनल
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तीसरे विश्व युद्ध की ओर अग्रसर ईरान अमेरिकी युद्ध विभीषिका से बचाव पर महावीर इंटरनेशनल द्वारा ई चौपाल पर विशेष गोष्ठी का आयोजन किया गया। आयोजन मे इंटरनेशनल डायरेक्टर नॉलेज शेयरिंग एवं ई चौपाल अजीत कोठिया ने बताया की युद्ध की विभीषिका से आम आदमी को बचाने संयुक्त राष्ट्र के माध्यम से विश्व शान्ति के सार्थक प्रयास करने राष्ट्रपति जी एवं प्रधानमंत्री जी के नाम सभी जिला मुख्यालयों पर ज्ञापन दिए जाएंगे। इस अवसर पर विमला रांका ने कहा कि विश्व शान्ति अणुबम में नहीं अणुव्रत में निहित है। उन्होंने विश्व शान्ति हेतु आचार्य तुलसी के महत्वपूर्ण अणुव्रत सिद्धांतों की व्याख्या की। इस मौके पर सभी वक्ताओं सुमेर सिंह कर्णावत, संजय बेद, महेश कुमार मूंड, राजेंद्र सिंह राठौड़, भुवनेश्वरी मालोंत, डॉ.एन. एस. नरूका, पृथ्वीराज जैन, विजया चौधरी तथा आशा सांभर ने तृतीय विश्व युद्ध की ओर अग्रसर विश्व को विनाश से बचाने अमरीका और ईरान दोनों से ही शांति रखने की अपील की। वक्ताओं ने यह भी कहा की सब कुछ बर्बाद कर जब अंततः 15से 20दिनों के बाद तो शांति का राग अलाप कर युद्ध विराम करोगे ही तो वो काम पहले ही करके मानवता का बर्बाद होने से बचालो।
गोष्ठि संचालन अजीत कोठिया ने किया, आभार महेश मूंड ने व्यक्त किया।
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