अहिंसा परमो धर्म:” के जयकारों से गूंजा महानगर – भगवान महावीर जयंती पर कोलकाता में हुई भव्य शोभायात्रा

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“अहिंसा परमो धर्म:” के जयकारों से गूंजा महानगर – भगवान महावीर जयंती पर कोलकाता में हुई भव्य शोभायात्रा
कोलकाता, 30 मार्च – भगवान महावीर जयंती के पावन अवसर पर रबिन्द्र सरणी स्थित श्री दिगम्बर जैन नया मंदिर से निकली विशाल शोभायात्रा ने पूरे महानगर को धार्मिक उल्लास और शांति‑प्रेम की संदेश से गूंजा दिया। इस शोभायात्रा का आयोजन श्री महावीर जयंती समारोह समिति, कोलकाता के तत्वाधान में किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और “जीयो और जीने दो” के जैन संदेश को साकार किया।
प्रातः 8 बजे निकली यह विराट शोभायात्रा रबिन्द्र सरणी, महर्षि देवेन्द्र रोड, नलिनी सेठ रोड़, सर हरिराम गोयनका स्ट्रीट, कलाकार स्ट्रीट और विभिन्न व्यस्त मार्गों से होती हुई प्रातः 11:30 बजे पुनः श्री दिगम्बर जैन नया मंदिर पहुंची। यहां पिंडुक शिला पर भगवान महावीर का जन्माभिषेक किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने श्री जिनेन्द्र भगवान् की विशेष पूजा की। यह अभिषेक शांति, अहिंसा और धर्म‑प्रसार के आध्यात्मिक संकल्प का प्रतीक बना।
झांकियों से चित्रित महावीर का जीवन-
शोभायात्रा में सुमेरु पर्वत पर भगवान महावीर के जन्मकल्याणक, गर्भ कल्याणक, अस्ट मंगल लिए 8 घुड़ सवार, भवानीपुर मे नव निर्मित अहिंशा
कीर्ति स्तंभ , श्रावक के अष्ट मूल गुण, मैना सुंदरी, महावीर का झूलनोत्सव, एरावत हाथी और तीर्थंकर प्रभु के जीवन की घटनाओं पर आधारित सजीव दृश्य प्रस्तुत किए गए। इन झांकियों ने जनसमूह को चरण‑प्रणाम और धार्मिक शिक्षाओं के साक्षात्कार की भावना से भर दिया। सड़क के दोनों किनारों पर लोग “वीर प्रभु की जय” और “नमो महावीराय” के जयकारों से शोभायात्रा का स्वागत करते रहे।
बैंड, भजन और लोकप्रिय सहभागिता शोभायात्रा के दौरान श्री दिगम्बर जैन विद्यालय, श्री दिगम्बर जैन बालिका विद्यालय के छोटे‑छोटे छात्रों ने राष्ट्रीय और धार्मिक धुनों पर बजाए गए बैंड बाजे से श्रृंगार को और भी अद्भुत बना दिया, जिन्होंने भक्तों को झूम‑झूम कर भजन और आरती करने पर मजबूर कर दिया। जगह‑जगह पर श्रद्धालु स्वयं महाआरती करते रहे, जिसमें शंख, घंटियों और घंटों की ध्वनि से वातावरण भक्तिपूर्ण रूप से गूंज उठा।
इसके अलावा, सुप्रभात मंडल हावड़ा, राजुल महिला मंडल बंगवासी, अनुप्रैक्षा कांकुड़गाछी, आदि पारस मंडल (बेलगछिया), दीपशिखा बड़ाबजार, श्री दिगम्बर जैन महिला परिषद नया मंदिर और मुमुक्षु मण्डल ने मंगल गीत व भजनों से शोभायात्रा को और भी रमणीय बनाया। इन भजनों में “अहिंसा प्राणी तेरा धर्म सुहाना” और “स्वयं जीयो और जीने दो” जैसे श्लोगन दोहराए गए, जो श्रोताओं के मन पर गहरा प्रभाव छोड़ रहे थे। 24 गाड़ियों मे 24 भगवान् की मूर्तिया सबका आकर्षण का केंद्र रही.
महावीर नगर, रथ और विशेष व्यवस्थाएं-
शोभायात्रा के अवलोकन के लिए विभिन्न मोड़ों पर स्वागत द्वार, तोरण‑बैनर और जैन ध्वजों से विशेष रूप से सजावट की गई। महर्षि देवेन्द्र मार्ग, नलिनी सेठ रोड़ और सर हरिराम गोयनका स्ट्रीट पर चमक दमक और रंगबिरंगी झंडियों ने शहर को त्यौहारी छवि प्रदान की।
पुष्पांजलि संस्था ने अपने कार्यालय के सामने ही महावीर नगर का निर्माण किया, जहां इन्द्र और इन्द्राणियों के वेष में आसीन सदस्यों ने भगवान महावीर की शानदार आरती की और इस अवसर पर भजनों की अमृत‑वर्षा की। बच्चों ने इन्द्र और इन्द्राणी के वेश में घोड़ों पर विराजमान होकर शोभायात्रा को अनूठा रंग दिया। भगवान् महावीर का पंचकल्याणक विशेष आकर्षण का केंद्र रहा.
रथ पर श्री जिनेन्द्र को लेकर बैठने का सौभाग्य श्री देवेंद्र कुमार जी विशाल जी जैन, रोकड़िया के श्री मुन्नालाल जी पहाड़िया और सारथी श्री श्रवण कुमार जी श्रेयांस कुमार जैन को प्राप्त हुआ, जिन्होंने रथ के द्वारा श्री जी को घुमाकर श्रद्धालुओं को दर्शन और आशीर्वाद का अवसर दिया। चवर् ढुराने की बोली श्री राजेंद्र जी गंगवाल एवम श्री बाल चंद जी संजीव कुमार सिंघई ने प्राप्त की.
प्रधान आयोजक और विशेष योगदान
शोभायात्रा को सफल रूप से संपन्न कराने में श्री दिगम्बर जैन नया मंदिर के सभापति श्री राजेन्द्र गंगवाल, मंत्री श्री श्रेयांस कुमार जैन, कोषाध्यक्ष श्री मनीष कुमार जैन, विशेष रूप से संयोजक
श्री जितेंद्र काला जी का इस आयोजन को सफल बनाने में किया गया अथक प्रयास अत्यंत सराहनीय रहा। उनके नेतृत्व, समर्पण और दूरदर्शिता ने इस शोभायात्रा को यादगार बना दिया।
संतोष ठोलिया, समीर कुमार जैन, सुरेन्द्र जैन , अजय जैन, अजय रारा, संजय पाटनी, अरुण काला, राकेश पाटोदी, धीरेंद्र गंगवाल, अभिषेक गंगवाल, , अशोक पाटनी, संजय छाबड़ा और सुशील बडजात्या ने विशेष सक्रिय भूमिका निभाई। इन सभी के संयुक्त प्रयासों से यह शोभायात्रा न केवल आयोजनात्मक रूप से, बल्कि धार्मिक आस्था की दृष्टि से भी भव्य साबित हुई। इस पवित्र शोभायात्रा की भव्य सफलता सभी के सहयोग से ही संभव हुई।
शांति और उत्साह का संदेश
शोभायात्रा के दौरान सड़कों के किनारे खड़े श्रद्धालुओं को शिकंजी, शरबत, डाब पानी, गन्ने का रस और अन्य ठंडे पेय पदार्थों से स्वागत किया गया, जिसने उत्सव को सामाजिक और सेवाभावी भावना से भी समृद्ध किया। इस तरह, भगवान महावीर जयंती पर कोलकाता में “अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह” और “स्वयं जीयो और जीने दो” के संदेश को विशाल जन‑समूह के माध्यम से शहर की सड़कों पर उतारा गया, जिससे पूरा महानगर उत्साह, उमंग और धूम‑धड़ाके के साथ वीर प्रभु की जयंती की श्रद्धा से भर उठा।
_ समीर कुमार जैन
प्रचार मंत्री

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