अग्रवाल बड़े जैन मंदिर में हुआ दो आर्यिका का भव्य मंगल प्रवेश
नैनवा जिला बूंदी 14 जनवरी बुधवार को प्रातः 7:30 पर आज का 105 सत्यवती माताजी 105 हेम श्री माताजी दिहाली स्कूल से रात्रि विश्राम कर अपार धर्म प्रभावना गाजे-बाजे के साथ दिगंबर जैन समाज द्वारा भव्य अगवानी कर मंदिर में प्रवेश कराया
आर्यिका सत्यमती माताजी ने धर्म सभा में बताया
जैन धर्म के सिद्धांतों को मनाने वाला जैन कहलाता है
जैन धर्म का महत्व और जैन समुदाय के सिद्धांतों पर माता ने बताया
जैनों के मुख्य लक्षण और पहचान
पानी छानकर पीना रात्रि भोजन नहीं करना प्रतिदिन देव दर्शन करना जैनों के मुख्य पहचान माता ने बताया
जो इनका पालन करता है वह जैन है जैन धर्म के सिद्धांतों पर चलकर अपने जीवन को उत्तम उत्कृष्ट बनाता है उसे जीवन में सदैव सुख शांति प्राप्त होती है
माता ने बताया कि जैन धर्म एक अहिंसा धर्म है सभी जीवों पर दया करना इस धर्म का मुख्य लक्षण है जिस मनुष्य के दिल में दया नहीं वह मनुष्य का आवरण है मनुष्य के लक्षण नहीं
दया धर्म ही जीव का मुख्य लक्षण होना माताजी ने बताया
समाज के अपार भक्तों महिलाओं पुरुषों ने माता के मंगल दिव्या देशना का लाभ प्राप्त किया
महावीर कुमार सरावगी
दिगंबर जैन समाज प्रवक्ता नैनवा
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