आज जिनेंद्र प्रभु की श्रद्धा भक्ति पूजन को उमड़ेगा जन सैलाब

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आज चंद्रप्रभु मंदिर एवं बड़े जैन मंदिर में होंगे कलषाभिषेक

मुरैना (मनोज जैन नायक) जैन धर्मावलंबियों का सबसे बड़ा पर्व पर्यूषण पर्व 28 अगस्त से 6 सितम्बर तक निरंतर दस दिन भक्ति भाव, पूजा, समर्पण के साथ मनाया जा रहा है । आज अनन्त चतुर्दशी को इन पर्वों का अंतिम दिन है । आज के दिन सभी जिनालयों में जिनाभिषेक, पूजा, भक्ति एवं समर्पण का जनसैलाब उमड़ेगा । नगर में विराजमान मुनिश्री विलोकसागरजी एवं मुनिश्री विबोधसागरजी महाराज के पावन सान्निध्य में निरंतर दस दिन जिनेंद्र प्रभु की उपासना, आराधना, पूजा एवं भक्ति की गई । आज ब्रह्मचर्य धर्म की व्याख्या की जाएगी ।पर्यूषण पर्वों में मन के विकारों को नष्ट करने का अभ्यास किया जाता है । मन में उत्पन्न होने वाले कुविचारों पर अंकुश लगाकर मन को निर्मल रखने की साधना की जाती है । आत्म कल्याण के लिए मोह माया लोभ आदि को कम करते हुए इस संसार सागर से मुक्ति पाने के लिए संयम पथ की साधना करने का अवसर ही पर्यूषण पर्व है ।
आज अंतिम दिन सभी जैन बंधु सपरिवार श्री जिनेंद्र प्रभु का जलाभिषेक, शांतिधारा एवं अष्टद्रव्य से पूजन करेंगे । दिन में अपने नजदीकी जिनालय में स्वाध्याय करेंगे एवं शाम को पूज्य युगल मुनिराजश्री विलोकसागरजी एवं मुनिश्री विबोधसागरजी महाराज के पावन सान्निध्य में प्रतिक्रमण करेंगे । पूरे दिन का निर्जला व्रत रखते हुए प्रभु की भक्ति में समर्पित रहेंगे।
कुछ ऐसे भी जैन बंधु या परिवार होते है जो कभी भी मंदिर आदि नहीं आते, लेकिन आज के दिन प्रत्येक परिवार या प्रत्येक व्यक्ति जैन मंदिर में आकर प्रभु की पूजा भक्ति अवश्य ही करता है । यहां तक कि छोटे छोटे 08 वर्ष से अधिक उम्र के बालक भी पूजन की विशेष पोशाक पहनकर अभिषेक पूजन करते हुए भक्ति करते हैं । जैन सिद्धांत के अनुसार यदि आज के दिन भी कोई जैन व्यक्ति पूजा भक्ति नहीं करता है तो उसकी दुर्गति को कोई रोक नहीं सकता । ऐसे व्यक्तियों को नरक गति का बंद हो चुका होता है यानिकि इनका नरक जाना सुनिश्चित ही समझो ।
वासपूज्य भगवान को निर्वाण लाड़ू होगा समर्पित
बड़े जैन मंदिर में विराजमान जैन संत मुनिश्री विलोकसागरजी एवं मुनिश्री विबोधसागरजी महाराज के पावन सान्निध्य में आज अनन्त चतुर्दशी को तीर्थंकर भगवान वासुपूज्य स्वामी का मोक्ष कल्याणक महोत्सव हर्षोल्लास पूर्वक मनाया जाएगा । सभी श्रावक एवं श्राविकाएं श्रद्धा भक्ति एवं समर्पण के साथ अभिषेक, शांतिधारा करते हुए अष्टद्रव्य से तीर्थंकर वासपूज्य स्वामी का विशेष पूजन करेंगे । ततपश्चात संगीत की मधुर धुन के साथ निर्वांकांड का वाचन करते हुए, मोक्ष लक्ष्मी की कामना के साथ निर्वाण लाड़ू समर्पित करेंगे ।
आज बड़े जैन मंदिर एवं चंद्रप्रभु जिनालय में होगें अभिषेक
पर्यूषण पर्व के समापन पर सभी जिनालयों में श्री जिनेंद्र प्रभु के जलाभिषेक की परंपरा रही है । इसी परम्परा के तहत श्री चंद्रप्रभु जिनालय लोहिया बाजार में आज शाम को 04.00 बजे श्री जिनेंद्र प्रभु का जलाभिषेक किया जाएगा । इसके बाद बड़े जैन मंदिर में जिनाअभिषेक होगें । श्री जिनेंद्र प्रभु के अभिषेक के समय समस्त जैन बंधु अत्यंत ही श्रद्धा एवं भक्ति के साथ उपस्थित रहेंगे । नगर के श्री ज्ञानतीर्थ जिनालय, श्री महावीर दिगंबर नसियां जी जैन मंदिर, श्रीआदिनाथ चैत्यालय जीवाजी गंज एवं श्री चंद्रप्रभु चैत्यालय गंज में आगामी दिनों में अभिषेक का आयोजन होगा ।

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