(कामां) भाद्रमाह में दसलक्षण महापर्व के द्वितीय दिवस उत्तम आर्जव धर्म की विशेष पूजा अर्चना जैन मंदिरों में जैन श्रावकों द्वारा की गई। इस अवसर पर कामां के शांतिनाथ दिगम्बर जैन दिवान मन्दिर मे प्रातः काल उपस्थित पुजारियों द्वारा पूज्य आचार्य श्री वसुनंदी जी महाराज के आह्वान व प्रेरणा से आजीवन मद्य मांस मधु का त्याग तो लिया ही साथ ही डिब्बा बंद,फ्रोजन फूड व फ़ास्ट फूड का त्याग कर अहिंसक आहार करने का नियम लिया गया।
अखिल भारतवर्षीय धर्म जागृति संस्थान के अहिच्छेत्र अतिशय क्षेत्र में आयोजित नवम राष्ट्रीय अधिवेशन में युवाओं को धर्म से जोड़ने की मुहिम प्रारंभ की गई है। जिसके अंतर्गत सभी युवाओं को अहिंसक आहार का पालन भी करना है उसी क्रम में यह नियम लिए गए सभी ने हाथ उठाकर समर्थन किया। धर्म जागृति संस्थान के राष्ट्रीय प्रचार मंत्री संजय जैन बड़जात्या ने कहा कि हम सब शाकाहारी भोजन करते हैं, किंतु फिर भी द्रव्य,काल,क्षेत्र व भाव की मर्यादा से भोजन ग्रहण करना ही अहिंसक आहार है। मन्दिर के पुजारी रिंकू जैन द्वारा सभी को इस आशय का नियम दिलवाया गया,जिसे सभी ने सहर्ष स्वीकार किया। दसलक्षण महापर्व में जैन मंदिरों में विशेष उत्साह के साथ धर्म ध्यान की क्रियाएं सम्पन्न की जा रही हैं तो स्थानीय जिनालय भी रोशनी से जगमग हो रहे हैं। शनिवार को उत्तम मार्दव धर्म की आराधना की जाएगी।
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