राजेश जैन दद्दू
इंदौर
नगर समंग्र समाज की होगी अनोखी सहभागिता
जैन दर्शन का मूल आधार महामंत्र णमोकार है । विश्व शांति एवं कल्याण की भावना के साथ सम्पूर्ण विश्व में 09 अप्रैल बुधवार सब मंत्रों में सर्वश्रेष्ठ महामंत्र णमोकार दिवस बड़े उत्साह उमंग और श्रद्धा के साथ पुरे विश्व में मनाया जा रहा है । इस दिवस सम्पूर्ण विश्व में जैन धर्मावलंबी प्रातःकालीन वेला में एक साथ महामंत्र णमोकार का उच्चारण करेंगे ।
जिन शासन एकता संघ एवं विश्व जैन संगठन के प्रचारक राजेश जैन दद्दू एवं मयंक जैन द्वारा प्रदत्त जानकारी के अनुसार वर्तमान के वर्धमान भगवान महावीर स्वामी जन्म कल्याणक की पूर्व संध्या को आयोजित इस आयोजन में इंदौर महानगर की सम्पूर्ण समाज जो अहिंसा में और जियो और जीने दो मे विश्वास करते हैं वे सब समाज जन । विश्व शांति एवं कल्याण, जीवदया, अहिंसा की पावन भावना के साथ नगर की समस्त संस्थाएं, सोशल ग्रुप, मंडल एवं सभी महिला संगठन जैन समाज की सभी संस्थाओ द्वारा 09 अप्रैल बुधवार को सैकड़ों बंधुओं की परिजनों की उपस्थिति में प्रातःकालीन वेला में मंत्रौ में सर्वश्रेष्ठ महामंत्र णमोकार का उद्घोष वाचन किया जाएगा । उक्त आयोजन में बंधुवर, माता बहिनें एवं युवा साथी एवं बच्चें सभी अपनी-अपनी सहभागिता प्रदान करेंगे ।कार्यक्रम से संबंधित सभी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है । समाज के वरिष्ठ समाजसेवी डॉ जैनेन्द्र जैन
के अनुसार समस्त जैन संप्रदायों की सर्वमान्य अंतराष्ट्रीय संस्था जीतो ने इस महा आयोजन की रूपरेखा तैयार की है । 09 अप्रैल बुधवार को पूरे देश में एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक दिन का अनुभव होगा। प्रातः सुबह 08 बजकर 01 मिनट से 09 बजकर 36 मिनिट तक करोड़ों लोग णमोकार महामंत्र के सामूहिक अनुष्ठान में भाग लेकर विश्व कल्याण के संदेश को फैलाएंगे। जीतो इंदौर के प्रमुख हंसमुख गांधी ने बताया कि इस अद्भुत आयोजन का उद्देश्य आध्यात्मिकता को बढ़ावा देना और शांति व सद्भाव एवं जिओ और जीने दो का संदेश प्रसारित करना है। इस आयोजन में 108 देशों के लोग भाग लेंगे। भारत सहित विश्व भर में 100 से अधिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे। 6000 से अधिक मंदिरों, तीर्थक्षेत्रों और अन्य स्थानों से इसका सीधा प्रसारण किया जाएगा, जिससे हर व्यक्ति इस आध्यात्मिक यात्रा का हिस्सा बन सकेगा। आओ जाने
क्या है णमोकार महामंत्र
फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेन्द्र कांसल, राजेश जैन दद्दू ने बताया कि णमोकार महामंत्र प्राकृतिक भाषा में अनादि निदन महामंत्र है । इस मंत्र में किसी व्यक्ति विशेष को नमस्कार नहीं किया जाता, बल्कि व्यक्ति के विशेष गुणों को नमस्कार किया जाता है । इस महामंत्र में श्री अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय एवं इस लोक के सभी साधुओं परमेष्ठि को नमन किया जाता है । इस महामंत्र में पांच पद और पैंतीस अक्षर होते हैं। इसका जाप या स्मरण करने मात्र से पापों का क्षय एवं सांसारिक कष्टों का अंत होता है ।
नमोकार महामंत्र, जैन धर्म का सबसे महान महामंत्र और पूजनीय बंदनिय महामंत्र है। यह आत्मा की शुद्धि, मन की शांति, मोक्ष प्राप्ति और अहिंसा का संदेश देता है। नमोकार महामंत्र व्यक्ति को सकारात्मकता और आध्यात्मिकता की राह पर ले जाता है। नमोकार मंत्र का जाप करने से जीवन में एक नई ऊर्जा का संचार होता है। नमोकार महामंत्र का जाप व्यक्ति को तनाव मुक्त कर सकारात्मक विचारों से भर देता है। नमोकार महामंत्र केवल एक धार्मिक मंत्र नहीं है, बल्कि यह आत्मा की शांति और विश्वकल्याण का प्रतीक है। इसके सामूहिक जाप से हम पूरे विश्व में सकारात्मकता और भाई चारा एकता का संदेश फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। नमोस्तु शासन जयवंत हो।