31 दिसम्बर को होता है देवो द्वारा अभिषेक बहती है जलधारा

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31 दिसम्बर को होता है देवो द्वारा अभिषेक बहती है जलधारा श्रद्धालुगण का उमड़ता है सैलाब मनोहारी चाँदखेड़ी बाबा के दर्शन से मिलती है अंतर्मन में दिव्य शांति। बाबा तेरा गूंजे जयकारा गजब का है तेरा नजारा स्वर्ग सुख भी इसके आगे खारा जय हो चांदखेड़ी वाले बाबा

चांदखेड़ी में नववर्ष की पूर्व संध्या पर प्रसिद्ध निर्देशिका जैन रत्न साधना मादावत जैन के निर्देशन रंगशाला इन्दौर द्वारा महावैराग्य की महागाथा-भरतस्य भारतम, भरत का भारत महानाट्य का भव्य भाव पूर्ण मंचन
किया गया

✍️पारस जैन “पार्श्वमणि” पत्रकार कोटा की कलम से
चांदखेड़ी (खानपुर जिला झालावाड़)

आदिनाथ दिगम्बर जैन, चन्द्रोदय अतिशय क्षेत्र चांदखेड़ी में 31 दिसंबर को भव्य धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम महावैराग्य की महागाथा-भरतस्य भारतम, भरत का भारत का भव्य भाव पूर्ण मंचन का आयोजन श्रद्धा और उल्लास के साथ किया गया।चन्द्रोदय अतिशय क्षेत्र चांदखेड़ी के अध्यक्ष हुकम जैन काका ने जानकारी देते हुवे बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। जिसमें मुख्य अतिथि विजय चौधरी, विशिष्ट अतिथि रांकेश गंगवाल, सुमेर रांवका, विजय बहादुर, अजय बाकलीवाल, नरेश जैन वेद, महावीर माडसाब राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी पारस जैन ‘पार्श्वमणि’ विनोद सुलराया एवं कोर कमेटी के सभी सदस्यों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन किया गया। प्रातः शांतिधारा रांकेश गंगवाल, सुमेर रांवका, विजय बहादुर द्वारा सम्पन्न किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान पत्रिका के राज्य संपादक विजय चौधरी एवं विशिष्ट अतिथि का कोर कमेटी द्वारा स्वागत किया गया। सर्वप्रथम बच्चों व महिलाओं द्वारा मंगलाचरण किया गया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में रंगशाला की निर्देशिका साधना माधवत इंदौर का स्वागत एवं सम्मान मनषी जैन, प्रीति जैन, निशा जैन कागला, साक्षी जैन, दिगम्बर जैन महिला मंडल चांदखेड़ी कोर कमेटी की महिलाओं द्वारा राजस्थानी पगड़ी तिलक माला पहनाकर स्वागत किया किया गया। रात्रि 8 बजे आर्यवर्त विजेता के महावैराग्य की महागाथा-भरतस्य भारत, भरत का भारत, भरत चक्रवर्ती की भव्य दिग्विजय यात्रा डोल नगाड़े गाजे बाजे एवं बग्गियों के साथ निकाली गई, जिसमें श्रद्धालुओं ने खूब भक्ति नृत्य करते हुवे उत्साह से भाग लिया । महामंत्री नरेश जैन वेद ने क्षेत्र की सभी आगंतुकों का स्वागत किया व क्षेत्र की महिमा के बारे में बताया। उन्होंने क्षेत्र पर चल रहे विकास कार्यों के बारे में विस्तार से बताया द्य साथ ही कार्यक्रम में अतिथियों तथा सहयोग करने वाले पुण्यार्थियों व कार्य करने वाले कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नियापंक श्रमण मुनि पुंगव सुधा सागर महाराज के पावन आशीर्वाद से इस क्षेत्र का दिन-प्रतिदिन विकास हो रहा है द्य इस क्षेत्र पर जो निर्माण कार्य हो रहा है और जो भी कार्य चल रहा है, वह सब प पु. सुधा सागर जी महाराज के आशीर्वाद से हो रहा है।पहले चांदखेड़ी क्षेत्र पर आर्थिक कमी रहती थी लेकिन जब से पु. सुधा सागर जी महाराज का आशीर्वाद मिला है तब से क्षेत्र आर्थिक रूप से सम्पन्न हो गया है। देश में कहीं सबसे ज्यादा शांति धारा होती है तो वह चांदखेड़ी क्षेत्र पर होती है द्य यहां पर अभी यात्रियों के लिए धर्मशाला बनाई गई थी व अभी 100 कमरों की सुसज्जित धर्मशाला बनाई गई है लेकिन वह भी अभी कम पड़ रही है। क्षेत्र पर लगभग 250 कमरों की व्यवस्था है। इसके अलावा दिल्ली धर्मशाला, मांगलिक भवन, स्कुल, गौशाला, मल्टीस्पेशलिटी हॉल, विद्यासागर हॉल, गांव के सभी होटल में रूकने की व्यवस्था की गई। किसी को कोई भी असुविधा नहीं हुई। धर्मशाला में ठहरने के लिए समस्त प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध है।
इस अवसर पर अमित बुडानिया (एसपी झालावाड़), सुश्री गरिमा जिदंल (डीवाईएसपी, खानपुर) अनेक प्रशासनिक एवं राजनीतिक गणमान्यजन मौजूद रहे। भोजन व्यवस्था के पुण्यार्जक के रूप में शिखरचन्द जैन (नौगांवा, अलवर), डॉ. अनुरेश जैन एवं डॉ. नेहा जैन (इन्दौर), कांतिलाल जी परिवार (इन्दौर), जिनेन्द्र जी परिवार (कटनी) एवं दीपचन्द जी, आशा जी लुहाड़िया (छबड़ा) का विशेष योगदान रहा।
इस अवसर पर चांदखेड़ी समिति के मुकेश चेलावत, अजय बाकलीवाल विनोद सुरलाया, महेन्द्र कांसल, अशोक सेठी, महावीर प्रसाद जैन, मुकेश जैन मासूम, कैलाश जैन पापड़ीवाल, आनंद ठोरा, महावीर भैया, कल्पेश भाई सूरत, देवेन्द्र मियाना एवं कमेटी के अन्य सदस्य आदि उपस्थित रहें।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं समाजजनों की उपस्थिति रही। आयोजन आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक गौरव एवं सामाजिक समरसता का सशक्त संदेश देकर सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।सफल संचालन महेंद्र कांसल एवं महावीर भैया ने करके आयोजन में चार चांद लगा दिया। विगत 35 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पारस जैन ‘”पार्श्वमणि’” कोटा ने बताया कि संपूर्ण आयोजन सफलता के शिखर पर रहा। समस्त भारत वर्ष से श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ गया। मनोहारी आदिनाथ बाबा के दर्शन से सभी के अंतर्मन में दिव्य शांति का अनुभव हुआ। रात्रि को 12 बजे से 3 बजे भगवान आदिनाथ की मुख्य प्रतिमा पर अपने आप देवों द्वारा अभिषेक सभी श्रद्धालुओं ने देखा, और मंदिर में जयकारी की गुंज हो गई।
बाबा के सामने जाते ही उनसे दूर नहीं जाने को मन करता परन्तु सभी को दर्शन लाभ मिला। किसी को कोई परेशानी नहीं हुई। मुझे यहां एक भजन की लाइन याद आ रही है । बाबा तेरा गूंजे जयकारा गजब का है तेरा नजारा स्वर्ग सुख भी इसके आगे खारा जय हो चांद खेड़ी वाले बाबा।
हजारों श्रद्धालुओं के वात्सल्य भोज की व्यवस्था देखते ही बनती थी किसी तरह की कोई कमी नगर नहीं आई। वास्तव में बाबा के चमत्कार को नमस्कार है।
प्रस्तुति
राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी
पारस जैन “पार्श्वमणि” पत्रकार कोटा 9414764980

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