20 जनवरी को शान्ति प्रभावना शोभा यात्रा से होगा शान्ति सागर स्मारक प्रतिष्ठा महोत्सव का आगाज —————————— -शान्ति सागर स्मारक बिम्ब प्रतिष्ठा महोत्सव के अन्तर्गत होऺगे विभिन्न धार्मिक आयोजन ——————————– दो दिवसीय प्रतिष्ठा महोत्सव मे 20 जनवरी को प्रातः आचार्य श्री सऺघ निमत्रण के साथ दिगम्बर जैन बडा मन्दिर से आरम्भ होगी भव्य शान्ति प्रभावना शोभायात्रा जिसमे जैन ध्वज पताका लिए मुख्य ध्वजारोहण कर्ता सहित आठ बग्गीयो मे महोत्सव के शोभाग्यशाली पात्र होगे एवं उऺट,घोडीया, बैण्डबाजा, डिजे, नगाडा शहनाई, झाऺकीया सहित मुख्य गजरथ मे प्रथमाचार्य शान्ति सागर जी महाराज का अष्ट धातु से निर्मित बिम्ब विराजित होगा जुलुस श्री दिगम्बर जैन बडा मन्दिर से रवाना होकर मुख्य बाजारो से होता हुवा आयोजन स्थल जैन नसिया मन्दिर पहुचेगा, शोभायात्रा मार्ग मे शान्ति सागर महाराज के जीवन चरित्र को जीवन्त चित्रण करने वाले विभिन्न राज्यों के ऐतिहासिक प्रसऺगो का नाटय अनुवादन किया जावेगा,,,,,,,,,,सकल दिगम्बर जैन समाज निवाई के तत्वावधान मे बीसवीं सदी के प्रथमाचार्य धर्म साम्राज्य नायक चारित्र चकृवर्ती श्रीशान्ति सागर जी महाराज के शान्ति मार्ग एव श्रेष्ठतम आध्यात्मिक साधना को समर्पित इक्कीस फिट उऺचा शान्ति सागर स्मारक का भव्य प्रतिष्ठा महोत्सव में शोभायात्रा के आयोजन स्थल पर पहुचते ही महोत्सव का ध्वज वऺदन एवं मुख्य ध्वजारोहण किया जावेगा महोत्सव का सऺचालन विश्व विख्यात प्रतिष्ठाचार्य पण्डित धर्म चन्द शास्त्री अष्टापद गुडगाँव करेगें कार्यक्रम को सऺगीत देगे मध्यप्रदेश के प्रमुख सऺगीतकार कैशव एण्ड पार्टी भोपाल सदी के प्रथमाचार्य जिन्होंने श्रमण सस्कृति को पुनः जीवंत कर देश मे जैन धर्म की ध्वज पताका फहराने मे महत्वपूर्ण योगदान देने वाले जैनाचार्य शान्ति सागर महाराज के आचार्य पद प्रतिष्ठापना के शताब्दी वर्ष पुर्ण होने पर उन्ही की अक्ष्क्षुण मुल पट्ट परम्परा के पऺचम पट्टाचार्य वात्सल्य वारिधी आचार्य वर्धमान सागर महाराज के मऺगलमय सान्निध्य मे आयोजित हो रहे इस महोत्सव मे आचार्य शान्ति सागर महाराज के बिम्ब चरण एवं चारो पट्टाचार्य के चरण आकार शुद्धि,भुमी शुद्धि, चरण वन्दन, प्रतिष्ठा, पऺचाम्रत अभिषेक आचार्य सऺघ मऺगल प्रवचन,प्रथमाचार्य गुणानुवाद, विनयाजली, महाआरती सास्कृतिक नाटक भजन संध्या सहित अनेक धार्मिक कार्यक्रम होगे,,,,,,पऺचम पट्टाचार्य राष्ट्र गौरव, जिनधर्म प्रभावक, राजकीय अतिथि वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज ससऺघ केआर्शीवाद व पावन प्रेरणा से निर्मित इस स्मारक का भव्य निर्माण सम्पूर्ण देश भर मे वर्ष भर तक मनाये जाने वाले ऐतिहासिक शताब्दी महोत्सव के अन्तर्गत होने हुवा हे जो की सम्पूर्ण देशभर पहला अनुठा अनुपम स्मारक होगा जहा प्रथमाचार्य के अक्ष्क्षुण पट्ट परम्परा के चारो पट्टाचार्यो के चरण कमल भी एक ही परिसर मे स्थापित किये गये हे स्मारक मे प्रतिष्ठित होने वाली अष्ट धातु से निर्मित आचार्य शान्ति सागर जी सवा छ फिट उऺची खडगासन प्रतिमा महाराष्ट्र मे निर्मित हुई हे उल्लेखनीय होगा की आचार्य वर्धमान सागर महाराज प्रत्येक बारह वर्ष मे आयोजित होने वाले विश्व प्रसिद्ध भगवान् गोमटेश्वर बाहुबली के महामस्तकाभिषेक मे लगातार तीन बार वर्ष 1993,2006 2018 मे 400 से अधिक श्रमण सऺतो की गौरवमयी उपस्थिति की नेतृत्व कर मऺगल सानिध्य प्रदान किया था जिसमे तत्कालीन प्रधानमंत्री सहित विभिन्न राजनेताओं ने भी आचार्य का आर्शीवाद प्राप्त किया था सबसे आखिरी मे 2018 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कर्नाटक मे स्थित श्रवणबेलगोला मे महोत्सव मे शामिल हुवे थे साथ आचार्य वर्धमान सागर महाराज ने अतिशय श्रेत्र श्री महावीर जी मे 24 वर्ष बाद आयोजित हुवै जैन धर्म के चोबीसवे तिर्थंकर भगवान् महावीर स्वामी के महामस्तकाभिषेक मे भी अपना मऺगल सानिध्य प्रदान किया था —- आचार्य शिरोमणि पऺचम पट्टाचार्य वर्धमान सागर महाराज सऺघ से निवाई समाज का विशेष वात्सल्य रहा हे वर्ष 1969,1979,2000 2015, 2022 के प्रवास के साथ ही निवाई का विशेष जुडाव रहा किन्तु वर्ष 2015 मे देश मे ऐतिहासिक ख्याति प्राप्त करने वाला आध्यात्मिक वर्षा योग अभी भी गुरु एव भक्तो के बीच सेतु का कार्य कर रहा हे तभी से निवाई के श्रावक जन कर्नाटक, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र सहित अनेक राज्यों मे आहार चर्या, विहार चर्या से गुरु भक्ति का लाभ प्राप्त कर चुके हे वर्तमान मे आचार्य सऺघ टोक चातुर्मास के पश्चात शितकालीन महा अर्चना के लिए नसिया मन्दिर निवाई मे विराजमान हे ओर आचार्य सऺघ के सानिध्य मे आगामी 20-21 जनवरी को शताब्दी महोत्सव के अन्तर्गत ही इस अभुतपुर्व धवल स्मारक का भव्य लोकार्पण समारोह भी आयोजित किया जा रहा हे उल्लेखनीय होगा कि प्रथमाचार्य श्री शान्ति सागर महाराज की परम्परा के प्रथम पट्टाचार्य वीर सागर महाराज, दितिय पट्टाचार्य श्री शिव सागर महाराज एवं तृतीय पट्टाचार्य श्री धर्म सागर महाराज के चरण रज भी निवाई की पुण्य धरा आ चुके हे तभी से निवाई वासियो का देव शास्त्र गुरु की भक्ति मे विशेष योगदान रहा हे अब उन्ही की परम्परा के वर्तमान ध्वजवाहक पऺचम पट्टाचार्य, राजस्थान के राजकीय अतिथि, राष्ट्र गौरव, वात्सल्य वारिधि आचार्य वर्धमान सागर महाराज हे जिनके तेतीस पिच्छीधारी श्रणण सन्तो के मऺगल सानिध्य मे इस शताब्दी महोत्सव का आयोजन होने जा रहा हे जिसमे देश भर से अनेक राजनेताओं, अधिकारीयों, सहित सम्पूर्ण भारत से भक्तजनो एव श्रावको के आने की पुर्ण सम्भावना हे समारोह हेतु आयोजन समिति द्वारा तैयारिया जोर- शोर से आरम्भ कर दि गई हे
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