20-21 जनवरी को शान्ति सागर स्मारक का लोकार्पण —————————— -शताब्दी महोत्सव के अन्तर्गत निर्मित भव्य ऐतिहासिक होगा निवाई का शान्ति सागर स्मारक ——————————– सकल दिगम्बर जैन समाज निवाई के तत्वावधान मे बीसवीं सदी के प्रथमाचार्य धर्म साम्राज्य नायक चारित्र चकृवर्ती श्रीशान्ति सागर जी महाराज के शान्ति मार्ग एव श्रेष्ठतम आध्यात्मिक साधना को समर्पित इक्कीस फिट उऺचा शान्ति सागर स्मारक का भव्य लोकार्पण समारोह ऐतिहासिक एव अभुतपुर्व होगा वात्सल्य वारिधी भक्त परिवार के जितेन्द्र चऺवरिया , नीरज मधोराजपुरा ने बताया की सदी के प्रथमाचार्य जिन्होंने श्रमण सस्कृति को पुनः जीवंत कर देश मे जैन धर्म की ध्वज पताका फहराने मे महत्वपूर्ण योगदान देने वाले जैनाचार्य शान्ति सागर महाराज के आचार्य पद प्रतिष्ठापना के शताब्दी वर्ष पुर्ण होने पर उन्ही की अक्ष्क्षुण मुल पट्ट परम्परा के पऺचम पट्टाचार्य वात्सल्य वारिधी आचार्य वर्धमान सागर महाराज के मऺगलमय आर्शीवाद व पावन प्रेरणा से निर्मित इस स्मारक का भव्य निर्माण सम्पूर्ण देश भर मे वर्ष भर तक मनाये जाने वाले ऐतिहासिक शताब्दी महोत्सव के अन्तर्गत होने हुवा हे जो की सम्पूर्ण देशभर पहला अनुठा अनुपम स्मारक होगा जहा प्रथमाचार्य के अक्ष्क्षुण पट्ट परम्परा के चारो पट्टाचार्यो आचार्य वीर सागर जी,आचार्य शिव सागर जी, आचार्य धर्म सागर जी,आचार्य अजित सागर जी के चरण कमल भी एक ही परिसर मे स्थापित किये गये हे स्मारक हेतु मार्बल व मकराना के पत्थरो पर चित्रकारी व घडाई का कार्य किशनगढ़ के कुशल कारीगरो द्वारा आखिरी चरण मे हे वात्सल्य वारिधी भक्त परिवार के राजैश पऺचोलिया एव सुशील गिन्दोडी ने बताया की स्मारक मे प्रतिष्ठित होने वाली अष्ट धातु से निर्मित आचार्य शान्ति सागर जी सवा छ फिट उऺची खडगासन प्रतिमा महाराष्ट्र मे निर्मित हुई हे जैन धर्म प्रचारक विमल जोला ने बताया की आचार्य शिरोमणि पऺचम पट्टाचार्य वर्धमान सागर महाराज सऺघ से निवाई समाज का विशेष वात्सल्य रहा हे वर्ष 1969,1979,2000 2015, 2022 के प्रवास के साथ ही निवाई का विशेष जुडाव रहा किन्तु वर्ष 2015 मे देश मे ऐतिहासिक ख्याति प्राप्त करने वाला आध्यात्मिक वर्षा योग अभी भी गुरु एव भक्तो के बीच सेतु का कार्य कर रहा हे तभी से निवाई के श्रावक जन कर्नाटक, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र सहित अनेक राज्यों मे आहार चर्या, विहार चर्या से गुरु भक्ति का लाभ प्राप्त कर चुके हे वर्तमान मे आचार्य सऺघ टोक चातुर्मास के पश्चात शितकालीन महा अर्चना के लिए नसिया मन्दिर निवाई मे विराजमान हे ओर आचार्य सऺघ के सानिध्य मे आगामी 20-21 जनवरी को शताब्दी महोत्सव के अन्तर्गत ही इस अभुतपुर्व धवल स्मारक का भव्य लोकार्पण समारोह भी आयोजित किया जावेगा उल्लेखनीय होगा कि प्रथमाचार्य श्री शान्ति सागर महाराज की परम्परा के प्रथम पट्टाचार्य वीर सागर महाराज, दितिय पट्टाचार्य श्री शिव सागर महाराज एवं तृतीय पट्टाचार्य श्री धर्म सागर महाराज के चरण रज भी निवाई की पुण्य धरा आ चुके हे तभी से निवाई वासियो का देव शास्त्र गुरु की भक्ति मे विशेष योगदान रहा हे अब उन्ही की परम्परा के वर्तमान ध्वजवाहक पऺचम पट्टाचार्य, राजस्थान के राजकीय अतिथि, राष्ट्र गौरव, वात्सल्य वारिधि आचार्य वर्धमान सागर महाराज हे जिनके तेतीस पिच्छीधारी श्रणण सन्तो के मऺगल सानिध्य मे इस शताब्दी महोत्सव का आयोजन होने जा रहा हे जिसमे देश भर से अनेक राजनेताओं, अधिकारीयों, सहित सम्पूर्ण भारत से भक्तजनो एव श्रावको के आने की पुर्ण सम्भावना हे समारोह हेतु आयोजन समिति द्वारा तैयारिया जोर- शोर से आरम्भ कर दि गई हे
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