श्रीफल गौरव दिवस से इंदौर श्रद्धा-भक्ति में डूबा: डिजिटल भक्तामर से भूमि दान तक इतिहास रचा

0
4

श्रवणबेलगोला और इंदौर की आध्यात्मिक आत्मीयता का अद्भुत संगम, ‘समत्वयोगी’ उपाधि, श्रुत विद्यापीठम की घोषणा, महामस्तकाभिषेक की तैयारियों का आगाज़

इंदौर। श्री दिगंबर जैन नवग्रह जिनालय अतिशय क्षेत्र, ग्रेटर बाबा परिसर में अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर महाराज के सान्निध्य और जगद्गुरु समत्वयोगी स्वस्तिश्री चारुकीर्ति भट्टारक स्वामी जी श्रवणबेलगोला के मार्गदर्शन में दो दिवसीय श्रीफल गौरव दिवस महोत्सव से इंदौर श्रद्धा, भक्ति में डूब गया।
दो दिवसीय कार्यक्रम श्रीफल गौरव दिवस महोत्सव समिति के संरक्षक — नरेन्द्र वेद, गौरव अध्यक्ष — संदीप जैन, चेयरमैन — भरत जैन, कार्याध्यक्ष — नवीन गोधा, स्वागत अध्यक्ष — नकुल पाटोदी, योजनाध्यक्ष — टी.के. वेद, महामंत्री — रेखा संजय जैन, मुख्य संयोजक — हंसमुख गांधी, मंच व्यवस्था के मुख्य संयोजक — तल्लीन बड़जात्या, अनुशासन मुख्य प्रभारी — डी.के. जैन (रिटायर्ड डीएसपी) व निखिल छबड़ा, विधान के मुख्य संयोजक — कमलेश टीना जैन एवं संजय पापड़ीवाल जबकि संयोजक — जितेन्द्र जैन, दीपक जैन, अनुराग प्राशी के नेतृत्व में किया गया। सभी धार्मिक अनुष्ठान भी इन्हीं द्वारा किए गए।

पहले दिन: भव्य स्वागत और शोभायात्रा
पहले दिन 17 जनवरी को सुबह 8:30 बजे श्रवणबेलगोला कर्नाटक से पधारे जगद्गुरु समत्वयोगी स्वस्तिश्री चारुकीर्ति भट्टारक स्वामी का एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत किया गया। स्वागत उपरांत 60 टू-व्हीलर और 40 फोर-व्हीलर से अधिक वाहनों की शोभायात्रा के साथ स्वामीजी का प्रवेश श्री दिगंबर जैन नवग्रह अतिशय क्षेत्र ग्रेटर बाबा परिसर में हुआ। यहां भगवान पार्श्वनाथ के दर्शन किए और अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज से आत्मीय मिलन हुआ। उसके बाद ध्वजारोहण कार्यक्रम की शुरुआत हुई।

सम्मान और कैलाश पर्वत की रचना
दोपहर में हसमुख गांधी के नेतृत्व में 100 से अधिक संस्थाओं ने स्वामी जी का सम्मान किया। दोपहर में कृत्रिम कैलाश पर्वत की रचना की गई और भगवान आदिनाथ को निर्वाण लड्डू चढ़ाया गया। मां पद्मावती की गोद भराई, कुमकुम पूजन और छप्पन भोग अर्पण किए गए। शाम को मयूर जैन की भव्य भजन संध्या में श्रावक झूम उठे।

दूसरे दिन: विश्व का पहला डिजिटल भक्तामर विधान
अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर महाराज के सान्निध्य में श्रीफल गौरव दिवस के द्वितीय दिन 18 जनवरी को विश्व में पहली बार सुबह 7 बजे से डिजिटल भक्तामर विधान का प्रारंभ हुआ, जिसमें हजारों लोगों ने हिस्सा लिया।

मंत्रित श्रीफल और भक्तामर की आराधना
महामंत्री रेखा संजय जैन ने बताया कि विश्व में पहली बार आयोजित डिजिटल भक्तामर विधान में हजारों की संख्या में समाज श्रेष्ठिजन सम्मिलित हुए। विधान में दीपक मादावत ने सौधर्म इन्द्र का रूप धारण कर भक्तामर की आराधना की। विधान पूर्व शांतिधारा, अभिषेक एवं अन्य क्रियाएं सम्पन्न हुईं। 144 मंत्रों से विशेष रूप से श्रीफल मंत्रित किया गया, जिसे श्रावकजन अपने घर ले गए। महास्वामी जी की उपस्थिति से यह महोत्सव अद्वितीय, अनुपम और ऐतिहासिकता प्राप्त कर गया।

भूमि का दान — भविष्य के महामस्तकाभिषेक के लिए इंदौर की भेंट
इस अवसर पर श्रीक्षेत्र श्रवणबेलगोला के विकास और आने वाले महामस्तकाभिषेक को गति देने के लिए और इंदौर के आध्यात्मिक विकास और धार्मिक ज्ञान के प्रचार प्रसार के लिए श्रीफल जैन न्यूज के लिए अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर महाराज की प्रेरणा से 5 हजार स्क्वायर फीट भूमि का दान डीएसपी डी.के. जैन एवं माला जैन द्वारा किया गया। यह आयोजन आने वाले समय में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। शाम के समय स्वामी के नेतृत्व में नरेन्द्र वेद, भरत जैन, नवीन गोधा, डी.के.-माला जैन, रेखा संजय जैन ने भूमि शुद्धिकरण किया।

जगद्गुरु को ‘समत्वयोगी’ उपाधि
श्रीफल गौरव दिवस समिति की ओर से नरेंद्र जैन, संदीप जैन, भरत जैन, नवीन गोधा, नकुल पाटोदी, टी.के मंजु वेद रेखा संजय जैन, तल्लीन बड़जात्या, डी.के.-माला जैन, निखिल छाबड़ा, कमलेश जैन, संजय पापड़ीवाल, जितेंद्र जैन, अनुराग वेद सहित अन्य सदस्यों ने जगद्गुरु स्वस्तिश्री चारुकीर्ति भट्टारक स्वामी जी को ‘समत्वयोगी’ उपाधि से सम्मानित किया।
स्वामी जी ने रजत पुष्पों से मुनि श्री का पाद-पक्षालन किया और साथ ही पुष्प वर्षा की तथा आचार्य भद्रबाहु स्वामी के चरण-चिह्न भेंट किए। साथ ही श्रवणबेलगोला स्थित बाहुबली प्रतिमा का गंधोदक भी समर्पित किया।

श्रुत विद्यापीठम की घोषणा
समारोह में ‘श्रुत विद्यापीठम पीठ’ की घोषणा होते ही पांडाल जयकारों से गूंज उठा। इसके माध्यम से ऑनलाइन धार्मिक अध्ययन करवाया जाएगा।

सांस्कृतिक प्रस्तुति और अभिषेक
अभिनंदन समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ। इस अवसर पर निधि जैन, श्रद्धा जैन, मीनल जैन, अंकुरी जैन एवं सूची जैन ने मंगलाचरण नृत्य की मनोहारी प्रस्तुति दी।
अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर महाराज ने स्वामी जी को पिच्छी भेंट की।
इसके उपरांत भगवान पार्श्वनाथ जी का महामस्तकाभिषेक सम्पन्न हुआ। प्रथम अभिषेक नरेंद्र वेद के 8 वर्षीय पौत्र द्वारा किया गया। महामस्तकाभिषेक में अंतर्मुखी मुनि श्री एवं भट्टारक श्री स्वामी जी उपस्थित रहे। मंदिर पर ध्वजा भी स्थापित की गई। दोनों दिन के कार्यक्रम का संचालन प्रो. नलिन जैन एवं रेखा संजय जैन ने किया। आभार प्रदर्शन भरत जैन ने किया तथा संपूर्ण विधि विधान का कार्यक्रम पंडित नितेश जैन ने किया।

स्वामी जी के इंदौर दर्शन
स्वामी जी ने इतवरिया बाज़ार स्थित कांच मंदिर के दर्शन किए। वहाँ आदित्य कासलीवाल और अमित कासलीवाल ने मंदिर का इतिहास स्वामी जी को बताया।
अंतर्मुखी मुनिश्री पूज्य सागर महाराज और भट्टारक श्री चारुकीर्ति महास्वामी जी ने गोम्मटगिरी अतिशय क्षेत्र मंदिर में भी दर्शन किए।

अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज की भावनाएँ
अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज ने श्रीफल गौरव दिवस पर कहा कि संपादक रेखा संजय ने कहा था कि श्रीफल के 20 वर्ष का उत्सव मनाना चाहिए। तभी से इस आयोजन की संकल्पना शुरू हुई। इस आयोजन का उद्देश्य श्रवणबेलगोला के साथ आत्मीय संबंध बनाए रखना था। उन्होंने कहा — “यह आयोजन दक्षिण और उत्तर भारत के रिश्तों में मजबूती लाएगा। डिजिटल भक्तामर का उद्देश्य यंत्र, मंत्र के साथ विधान करना और उनकी कहानियाँ बताना था। तभी श्रद्धा, आस्था और विश्वास बढ़ेगा।”

जगत्गुरु स्वामी का संबोधन और ऐतिहासिक जुड़ाव
जगद्गुरु स्वस्तिश्री चारुकीर्ति भट्टारक महास्वामी ने कहा कि “इंदौर और श्रवणबेलगोला का संबंध अत्यंत पुरातन और आत्मीय है।” उन्होंने 1925 में हुए महामस्तकाभिषेक का उल्लेख किया और इंदौर के भामाशाह सेठ सर हुकुमचंद जी सहित कासलीवाल, पाटोदी, गंगवाल, बाकलीवाल परिवारों के सहयोग का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि उत्तर और दक्षिण भारत का आध्यात्मिक संबंध 2300 वर्ष पुराना है। वर्ष 2030 में होने वाले महामस्तकाभिषेक की तैयारियाँ इंदौर की धरती से शुरू हुई हैं। उन्होंने कहा कि “मुनि पूज्य सागर महाराज हमारे धर्म के भाई हैं, दोनों ने धार्मिक शिक्षा बड़े स्वामी जी से ली है। 2030 के महामस्तकाभिषेक में भाई का सहयोग मिलेगा यही विश्वास है।” स्वामी जी ने मुनि श्री को महामस्तकाभिषेक का निमंत्रण दिया।
By T K Ved

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here