भीलवाड़ा, 1 फरवरी-स्थानीय सगसजी का मंदिर, पीएनटी चौराहे बापू नगर में विशाल हिंदू सम्मेलन विभिन्न संतो विद्वानजनों के सानिध्य में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
पुरुष केसरिया साफा केसरिया दुपट्टा, महिलाएं केसरिया साफा, केसरिया साड़ी एवं युवा-युवतिया अपना ड्रेस में शोभायात्रा के साथ विभिन्न मार्गो से निकले। रास्ते भर युवा- युवतियों ने विभिन्न प्रकार के करतब दिखाएं। सनातन धर्म जिंदाबाद के नारों से गूंजायमान कर रहे थे। शोभा यात्रा जो विशाल हिंदू सम्मेलन में परिवर्तित हुई।
प्रारंभ में मंच पर अतिथियों का सम्मान किया गया व प्रतिभाओं ने अपनी कई प्रस्तुतियां दी।
इस अवसर पर उपाध्याय मुनि विकसंत सागर महाराज ने संबोधित करते हुए कहा कि जैन धर्म और सनातन हिंदू धर्म दोनों ही भारत की अत्यंत प्राचीन स्वतंत्र आध्यात्मिक परंपराएं हैं। दोनों में कर्म, मोक्ष, पुनर्जन्म और आत्मा को शुद्ध करने, अहिंसा जैसे सिद्धांत समान है। हिंदू धर्म विश्व का सबसे प्राचीन एवं तीसरा सबसे बड़ा धर्म माना जाता है। उन्होंने कहा कि जैन धर्म में जीवों और जीने दो एवं राम ने एकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हिंदू-हिंदू लड़ेंगे, पंथवाद, जातिवाद के झगड़ों में उलझते रहेंगे तो सनातन धर्म कैसे बचेगा। सभी धर्मों को सनातन धर्म से जुड़ना चाहिए ।उन्होंने कहा कि हिंदुओं में दो-दो बच्चे पैदा करेंगे तो हिंदू धर्म कैसे बचेगा। पुराने जमाने में परिवार में 5-6 भाई- बहनों का परिवार होता था। हिंदुओं में अपनी संख्या बढ़ाने से ही सनातन धर्म सुरक्षित रहेगा। राम-लक्ष्मण भाई एक थे, भगवान राम ने मर्यादा को पाला था। तो राम पूज्य हो गए। राम जन्मभूमि में विशाल राम मंदिर बनने से हिंदू एकता की पहचान बन गई। उन्होंने कहा कि देश में अधिक से अधिक गौशाला बने। जिसमें गायों का संरक्षण हो। गायों का बंध बंद होना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश में संत रहेंगे तो समाज- देश सुरक्षित रहेगा। समय-समय पर ऐसे हिंदू सम्मेलन का आयोजन होते रहना चाहिए ताकि हिंदू एकता को बल मिल सके। इस अवसर पर महा मंडलेश्वर परमहंस सहित कई संत, विद्वानों ने अपना संबोधन दिया। इस अवसर पर हजारों की संख्या में नागरिकों में उत्साह पूर्वक भाग लिया। समापन पर सभी ने प्रसादी का लाभ लिया।
प्रकाशनार्थ हेतु।
प्रकाश पाटनी
प्रकाश पाटनी
भीलवाड़ा।














