भारत वर्षीय सकल जैन समाज बंधुओं को सूचित किया जाता है कि वर्तमान राष्ट्रीय जनगणना के दौरान हमें अपनी धार्मिक और भाषाई पहचान को संगठित रूप से दर्ज करवाना है। राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ, विश्व जैन संगठन, जैन राजनीतिक चेतना मंच के वरिष्ठ राजेश जैन दद्दू, मंयक जैन, एवं सुभाष काला तीनों ने संयुक्त अपील करते हुए कहा कि भारत में जैन समाज की वास्तविक संख्या और शक्ति को सरकार के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए, कृपया जनगणना प्रपत्र भरते समय निम्नलिखित जानकारी ही दर्ज करवाएं:
अनिवार्य विवरण (प्रपत्र अनुसार):
1. सीरियल नंबर 08 (धर्म): लिखें *Jain (जैन) | कोड: 04
2. सीरियल नंबर 09 (जाति): लिखें Jain (जैन) | कोड: A 0516
3. सीरियल नंबर 10 (उप-जाति): लिखें Jain (जैन) | कोड: A 0547
4. सीरियल नंबर 15 (मातृभाषा): लिखें प्राकृत (Prakrit)
महत्वपूर्ण निर्देश:
* संप्रदाय: सीरियल नंबर 10 में श्वेताम्बर, दिगम्बर, स्थानकवासी आदि न लिखकर केवल ‘Jain’ ही लिखें।
* भाषा: सीरियल नंबर 15 में क्षेत्रीय भाषाओं के स्थान पर ‘प्राकृत’ दर्ज करवाएं, क्योंकि हमारे मूल आगम इसी भाषा में हैं।
एकजुटता के लाभ:
इससे भारत सरकार की नजर में जैनों की सही जनसंख्या आएगी, जिससे अल्पसंख्यक प्रमाणपत्र (Minority Certificate) प्राप्त करने, सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और शासन-प्रशासन में समाज की भागीदारी सुनिश्चित करने में समाज को मदद प्राप्त होगी। दद्दू ने सभी समाज संस्थाओं, संगठनों, सोशल ग्रुप
समस्त जैन संगठन इस सूचना को अपने मंदिरों और डिजिटल ग्रुप्स में प्रसारित करें l
राजेश जैन दद्दू
इंदौर









