राजस्थान की राजधानी जयपुर में वात्सल्य वारिधि पंचम पट्टाधीश 108 आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज के संघ के अलावा 11 संघ का मंगल प्रवास

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राणा प्रताप मीरा हाड़ी रानी के तप त्याग और साधना की पावन वसुंधरा राजस्थान की राजधानी गुलाबी नगरी जयपुर में अलग-अलग अप नगरों में 11 संघ विराजमान है। ये बड़ा अदभुत सहयोग ही कहां जा सकता है। सभी भक्तजन पधार कर आचार्य /उपाध्याय /मुनि/आर्यिका संघों के दर्शन लाभ प्राप्त कर आशीर्वाद प्राप्त कर पुण्यार्जन करे।
परम पूज्य वात्सल्य वारिधि पंचम पट्टाधीश 108 आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ससंघ भट्टारक जी की नसिया में विराजमान है।
आचार्य श्री का शुक्रवार, 10 अप्रैल को प्रातः 6.15 बजे भट्टारक जी की नसिया से श्यामनगर के वशिष्ठ मार्ग स्थित श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर के लिए मंगल विहार होगा
परम पूज्य आचार्य श्री सुन्दर सागर जी महाराज ससंघ आचार्य श्री शशांक सागर जी महाराज ससंघ मालवीय नगर सैक्टर 3 के श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में विराजमान है।परम आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी महाराज ससंघ महारानी फार्म गायत्री नगर के श्री दिगम्बर जैन मंदिर में विराजमान है।
आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी महाराज ससंघ का रविवार, 12 अप्रैल को प्रातः जवाहर नगर के श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में भव्य मंगल प्रवेश होगा।
परम पूज्य आचार्य श्री 108 विनीत सागर जी महाराज ससंघ श्योपुर प्रतापनगर के श्री चन्द्र प्रभू दिगम्बर जैन मंदिर में विराजमान है।
आचार्य श्री 108 नवीन नन्दी जी महाराज अजमेर रोड पर बगरुं – दहमीकलां के श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में विराजमान है।
परम पूज्य उपाध्याय श्री उर्जयन्त सागर जी महाराज ख्वास जी का रास्ता स्थित श्री दिगम्बर जैन मंदिर पार्श्वनाथ सोनियान में प्रवासरत है। परम पूज्य मुनि 108 श्री विनम्र सागर जी महाराज ससंघ अम्बाबाडी के श्री दिगम्बर जैन मंदिर में विराजमान है।
परम पूज्य मुनि 108 श्री विभक्त सागर जी महाराज ससंघ चित्रकूट कालोनी सांगानेर के श्री महावीर दिगम्बर जैन मंदिर में विराजमान है।
गणिनी आर्यिका 105 श्री नंगमति माताजी बीलवा नांगल्या के विमल परिसर श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में विराजमान है।
आर्यिका रत्न 105 श्री अर्हम श्री माताजी ससंघ प्रतापनगर के सैक्टर 8 स्थित श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में विराजमान है।
आर्यिका रत्न 105 श्री नंदीश्वर मति माताजी ससंघ श्रीमहावीर दिगम्बर जैन मंदिर वर्धमान सरोवर में विराजमान है। मेरी भावना है कि एक बार सभी संघों का वात्सल्यमय मिलन जयपुर की सरजमी में पर हो। पूरे देश से भक्त जन आए अनुपम अलौकिक अद्वितीय अनुपम आयोजन हो यही सपना है।
प्रस्तुति
राष्ट्र गौरव
पारस जैन “पार्श्वमणि” पत्रकार कोटा
(राज)
9414764980
(गुलाबी नगरी में धर्म की अदभुत गंगा बह रही)
✍️ राष्ट्र गौरव पारस जैन “पार्श्वमणि” पत्रकार कोटा

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