कोलकाता हावड़ा जिस तरह दिन की शुरुवात देव दर्शन से की जाती हैं उसी तरह से आज दिन शनिवार माघ कृष्ण चतुर्दशी को श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मन्दिर जी डबसन हावड़ा कोलकाता में अभिषेक शांतिधारा के बाद भक्तामर महिमा मंडल संगीतमय विधान के साथ भव्य रुप में किया गया
आज शाश्वत पर्व चतुर्दशी के दिन सभी भव्य जीवों ने प्रभु का अभिषेक,शांतिधारा,पूजन,विधान किया एवं निर्वाण लाडू चढ़ाया
भक्तामर स्त्रोत्र की रचना श्री मानतुंग आचार्य ने की थी इस स्त्रोत का दुसरा नाम आदिनाथ स्त्रोत्र भी है यह संस्कृत में लिखा गया है प्रथम अक्षर भक्तामर होने के कारण ही इस स्त्रोत का नाम भक्तामर स्त्रोत पड़ गया ये वसंत तिलका छंद में लिखा गया है
भक्तामर स्त्रोत में 48 श्लोक है हर श्लोक में मंत्र शक्ति निहित है इसके 48 के 48 श्लोको में “म “न”त”र” यह चार अक्षर पाए जाते हैं
सुरेश गंगवाल,शशि काशलीवाल,शैलेश गंगवाल,भागचंद बड़जात्या,विमल टोंग्या,विनीत जैन,मंजू पांडया राजेश अजमेरा,विनोद गंगवाल, आदि सभी साधर्मी बंधुओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया
इस भव्य धार्मिक कार्यक्रम में हावड़ा डबसन सहित आसपास के क्षेत्रों से अनेक श्रद्धालु व गणमान्य जन उपस्थित रहे।संगीतमय विधान में सभी श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो उठे













