बूंदी, 19 जनवरी। दूरसंचार विभाग के सेवानिवृत्त इंजीनियर राजकुमार जैन जयपुर शहर की जानीमानी धार्मिक संस्थाओं में अध्ययनरत दक्षिण भारत में निवास करने वाले जैन विद्यार्थियों को जैन ग्रंथों का जैसे तत्वार्थ सूत्र, समय सार गं्रथ और पदम पुराण गं्रथ तथा जैन समाज के और अन्य महत्वपूर्ण ग्रंथों का अंग्रेजी भाषा में अध्ययन कराएंगे।
राजकुमार जैन ने जैन गजट को बताया कि दक्षिण भारत जैसे तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक सहित अन्य दक्षिण भारत के प्रांतों में रहने वाले जैन विद्यार्थियों को हिंदी का अनुभव कम होने से उन्हें अंग्रेजी भाषा में जैन ग्रंथों सहित जैन धर्म की पुस्तकों का अध्ययन कराया जाएगा। इसके पीछे मुख्य उद्देश्य दक्षिण भारत के जैन विद्यार्थियों को जैन धर्म के प्रति रुझान होने से जयपुर की मुख्य संस्था द्वारा यह पाठ्यक्रम शुरु किया जा रहा है। जिसके लिए राजकुमार जैन को नियुक्त किया गया है।
राजकुमार जैन ने बताया कि जैन धर्म के मुख्य ग्रंथों का अध्ययन कराकर इन विद्यार्थियों को विदेश में रहने वाले जैन परिवारों को धर्म लाभ हेतु भिजवाया जाएगा। इससे जैन धर्म का प्रचार प्रसार अधिक से अधिक संख्या में हो सके तथा समयसार जैसे जैन धर्म के महत्वपूर्ण ग्रंथों का विदेश मंे रहने वाले जैन परिवारों को भावार्थ सहित मिल सके।
राजकुमार जैन को जैन धर्म के सभी ग्रंथों का बहुत अच्छा ज्ञान है। वह नियमित रूप से स्वाध्याय करते हैं तथा आॅनलाइन जैन धर्म की स्वाध्याय की कक्षाएं भी चलाते हैं। इनकी आॅनलाइन क्लासें भारतवर्ष के साथ साथ विदेशों में रहने वाले जैन परिवार भी लाभ लेते हैं। इनको जैन धर्म का समस्त ज्ञान इनके पिता स्व. एडवोेकेट मदनलाल जैन एवं अमेरिका की यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर
एवं अमेरिका में जैन धर्म की प्रभावना बढ़ाने वाले डॉक्टर प्रोफेसर पारसमल जैन के निर्देशन में मिला है।
रविन्द्र काला
जैन गजट संवाददाता, बूंदी












