प्रीवेडिंग और भोजन का विवाहों में अपव्यय समाज के लिए अभिशाप

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महावीर इंटरनेशनल की ई चौपाल में शनिवार होने से वक्ताओं को खुला मंच सुलभ कराया गया जिसमें विवाह गीतों की धूम सी मच गई। दादी नानी द्वारा सिखाए गए ओर मां और सासू मां द्वारा गुनगुनाए ठेठ देशी अंदाज़ के पारंपरिक ओर मारवाड़ी मेवाड़ी गीतों ने समा ही बांध दिया। इस दौरान प्री वेडिंग पर जम कर विरोध स्वर व्यक्त किए गए। विवाह आयोजनों में भोजन के अपव्यय और प्री वेडिंग को वक्ताओं ने समाज के लिए अभिशाप बताया।प्रारंभ में वीरा सुनीता जम्मार ने गणपति वन्दना से विवाह गीतों भरी चौपाल का आगाज किया तो वीरा वंदना बक्षी, वीरा राजलक्ष्मी भंडारी, वीरा उमा जैन, वीरा चंद्रकला भूरा,वीरा आरती मूंड तथा वीरा हंसा हिंगड ने अपने सुरो से इसे ओर भी कर्णप्रिय बना दिया। वीर महेश मूंड ने वैवाहिक भावनाओं से ओत प्रोत शेखावाटी की भावनाओं आधारित गीतिका प्रस्तुत की।विवाह गीत रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। चौपाल वीरा बहनों के संगीत सुरों से समृद्ध हो गई। आयोजन का संचालन वीर अजीत कोठिया ने किया।सभी का आभार व्यक्त करते हुए चौपाल की गीतों भरी संध्या ने विराम लिया।

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