
ज्ञातव्य है कि केंद्र सरकार ने 2024 में जैन आगमों की भाषा प्राकृत को शास्त्रीय भाषा का दर्जा प्रदान कर एक महत्त्वपूर्ण कदम उठाया है । इस घोषणा के बाद से ही सम्पूर्ण भारत में आम जन में भी प्राकृत भाषा को लेकर अभूतपूर्व जिज्ञासा का अभ्युदय हुआ है । इस उत्सुकता को देखते हुए सरल हिंदी भाषा में प्राकृत का परिचय देने वाली एक बुकलेट प्रो अनेकान्त कुमार जैन ,नई दिल्ली ने तैयार की है जिसे पढ़कर कोई भी इस भाषा का सरल परिचय प्राप्त कर सकता है ।
इस बुकलेट का भव्य लोकार्पण धर्मा फ़ॉर लाइफ की द्वितीय वर्षगांठ के अवसर पर संस्था की फाउंडर डॉ मेधावी जैन जी ने ट्यूलिप के चेयरमैन श्रीमान प्रवीण जैन जी से गुरुग्राम स्थित ट्यूलिप क्लब में करवाया ।इस अवसर पर समण संस्कृति संस्थान ,सांगानेर की छात्रा अनुप्रेक्षा जैन ने यह बुकलेट रशियन स्कॉलर डॉ नतालिया को भी समर्पित की जिससे वे बहुत प्रभावित हुईं । इसके पूर्व इसका विमोचन श्री अखिल भारतीय दिगम्बर जैन महासभा के अध्यक्ष श्री गजराज जी गंगवाल एवं शास्त्री परिषद के अध्यक्ष डॉ श्रेयांस जैन जी महासभा के कार्यालय में किया था । यह बुकलेट जिन फाउंडेशन ,प्राकृत विद्या भवन ,नई दिल्ली की निदेशक डॉ रुचि जैन ने प्राकृत के प्रचार प्रसार के उद्देश्य से प्रकाशित की है तथा उन्होंने बुकलेट में यह भी कहा है कि इसका प्रकाशन करने के लिए प्रत्येक संस्थाएं स्वतंत्र हैं ,कोई भी चाहे तो इसे अपनी तरफ से यथावत
अनुमति पूर्वक प्रकाशित करवा कर निःशुल्क प्रसारित कर सकता है ।
– डॉ रुचि जैन











