ज्योतिषशास्त्र में कर्म फल सिद्धांत पर व्याख्यान

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इंदौर- दिनांक 25 जनवरी,श्री दुर्गा ज्योतिष एवं रत्न अनुसंधान केंद्र द्वारा,आनंद मोहन माथुर सभाग्रह इंदौर में रविवार को सातवां अंतराष्ट्रीय ज्योतिष, वास्तु अखिल भारतीय महासम्मेलन आयोजित किया गया। देश भर से आए ज्योतिषाचार्यों ने सम्मेलन में सहभागिता की। इस अवसर पर आचार्य, ज्योतिष डॉ. विमला जैन ने ‘ज्योतिषशास्त्र में कर्मफल सिद्धांत’ पर अपने विचार रखे l डॉ. जैन ने बताया कि ज्योतिषशास्त्र का उद्देश्य केवल भविष्यवाणी करना ही नहीं है, बल्कि वर्तमान कर्म के माध्यम से प्रतिकूल प्रारब्ध की तीव्रता को कम करना भी है। यह शास्त्र बताता है कि वर्तमान कार्यों से अतीत में किए गए कार्यों के नकारात्मक प्रभावों को कम किया जा सकता है। महासम्मेलन में अनुसंधान केंद्र द्वारा डॉ जैन को सम्मानित भी किया गया।
समाचार प्रकाशन हेतु सादर।
समाचार प्रेषक-
आदित्य जैन, नीमच।

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