19 जनवरी सोमवार 2025
आर्यिका गणिनी सत्यमती माताजी हैम श्री नैनवा से बिहार ग्राम पलाई उनियारा सवाई माधोपुर होते हुए श्री महावीर जी पहुंचेंगे
बाल ब्रह्मचारिणी प्रीति जैन ने बताया जिन शासन की यही एक सबसे बड़ी महिमा है जो त्याग और बलिदान के अद्भुत माताएं भयंकर कड़ाके की सर्दी में भी नंगे पैर बिहार करते हुए जैन धर्म की पताका त्याग मय धर्म का जीता जागता उदाहरण लोगों के सामने देखा जा रहा है
साथ में पुलिस कर्मी की अपनी सेवाएं दे रहे हैं
कड़कड़ाती ठंड पड़ रही है, हवाएँ शरीर को जमा देने वाली हैं, फिर भी माता जी अपने पावन संकल्प पर अडिग होकर श्री महावीर जी की ओर निरंतर विहार कर रही हैं।
न किसी सुविधा की चिंता, न शरीर के कष्टों की परवाह—केवल धर्म के प्रति अटूट श्रद्धा और आत्मकल्याण का दृढ़ भाव।
यह विहार केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि त्याग, तपस्या और संयम का जीवंत उदाहरण है।
माता जी का हर कदम हमें सिखाता है कि सच्चा धर्म वही है, जो हर परिस्थिति में अडिग रहे।
ऐसी महान तपस्विनी को देख कर हमें अपने मां के अंदर भी धर्म के प्रति जागरूक और सजक होना चाहिए धर्म ही सब रोगों की सबसे बड़ी औषधि है जिस बीमारी का डॉक्टर नहीं कर सकते उसका इलाज आपका अपना स्वयं का धर्म ही कर देगा ऐसा माता ने अपने उद्बोधन में बताया कोटि-कोटि वंदन
– महावीर कुमार सरावगी जैन गजट संवाददाता नैनवा जिला बूंदी राजस्थान













