गणिनी आर्यिका श्री 105 विभाश्री माताजी (ससंघ) का मंगल प्रवेश दिनांक 25 जनवरी 2026 को आर के पुरम त्रिकाल चौबीसी जैन मंदिर में होगा

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कोटा (राजस्थान) आर. के. पुरम स्थित परम पूज्य जंगल वाले बाबा मुनि श्री चिन्मय सागर जी महाराज की प्रेरणा से निर्मित श्री 1008 मुनिसुव्रतनाथ दिगंबर जैन ( त्रिकाल चौबीसी) मंदिर जी में
परम पूज्या गणिनी आर्यिका श्री 105 विभाश्री माताजी (ससंघ) का मंगलमय अल्प प्रवास होने जा रहा है ।मंदिर समिति के अध्यक्ष अंकित जैन ने बताया कि माताजी (ससंघ) के पावन सानिध्य में भव्य श्री १००८ सिद्धचक्र महामण्डल विधान का भव्य आयोजन श्रद्धा भक्ति भाव और समर्पण के साथ किया जाएगा।मंदिर समिति के महामंत्री अनुज जैन एवं कार्याध्यक्ष प्रकाश जैन ने बताया कि आष्टानिहका महापर्व के स्वर्णिम अवसर पर आगामी दिनांक 24 फरवरी से 02 मार्च तक श्री १००८ सिद्धचक्र महामण्डल विधान उसमें विभिन्न पात्रों का चयन होगा। मंदिर समिति के प्रचार प्रसार मंत्री पारस जैन “पार्श्वमणि” पत्रकार ने बताया कि बताया कि दिनांक 25 जनवरी 2026 रविवार श्री १००८ सिद्धचक्र महामण्डल विधान के प्रमुख पात्रों चयन बोली के माध्यम से प्रात:08:30 बजे माताजी के सानिध्य में एक दिन के प्रवास रहेगा।मंदिर समिति के उपाध्यक्ष लोकेश जैन एवं कोषाध्यक्ष ज्ञान चंद जैन ने बताया कि
प्रमुख पात्र
1सौधर्म 2 धनपति कुबेर
3 महायज्ञनायक 4 मैना सुन्दरी व राजा श्री पाल 5 चक्रवती 6 यज्ञनायक
7 बाहुबली सोलह स्वर्गो के इन्द्र- इंद्राणी (पत्रानुसार) ईशान, सानत कुमार, माहेन्द्र, ब्रह्म, ब्रह्ममोतर, लातव, कापिस्ठ, शुक्र, महाशुक्र, शतार, सहसार, आणत, प्राणत, आरण, अच्युत प्रमुख पात्रों का चयन हर्षौल्लास के मंगल मय वातारण में किया जाएगा
कार्यक्रम के पश्चात माताजी मंगल प्रवचन होंगे। प्रस्तुति प्रचार प्रसार मंत्री आर के पुरम मंदिर समिति
– पारस जैन पार्श्वमणि पत्रकार कोटा 9414764980

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