अन्तर्मनाआचार्य श्री प्रसन्न सागर जी महाराज का जयपुर महानगर में ऐतिहासिक मंगल प्रवेश ,
जीवन में जो समता को धारण करते हैं वही संत व श्रावक है — प्रसन्नसागर महाराज
औरंगाबाद नरेंद्र पियुष जैन सवाददाता साधना महोदधि परम पूज्य अन्तर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागर जी महाराज ससंघ का 18 जनवरी 2026 प्रातः 8:00 बजे अग्रवाल कॉलेज सांगानेरी गेट से जोहरी बाजार, त्रिपोलिया बाजार, चौड़ा रास्ता, न्यू गेट होते हुए रामनिवास बाग स्थित यूनियन क्लब फुटबॉल ग्राउंड सुभाष जैन राजस्थान जैन सभा, विनोद कोटखावदा, कैलाश जैन छाबड़ा, जुलूस संयोजक राकेश गोधा के कुशल नेतृत्व में भव्य ऐतिहासिक जुलूस पहुंचा। धर्म सभा को संबोधित करते हुए परम पूज्य तपस्वी सम्राट आचार्य श्री प्रसन्न सागर जी महाराज ने अपने उद्बोधन में कहां जीवन जीना सीखना चाहिए जीवन में क्षमता का भाव रखना चाहिए जो समता को धारण करते हैं वही संत व श्रावक हैं। पुण्य का पैसा पुण्य में ही लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जीवन अनमोल है जिन्होंने मानव जीवन प्राप्त किया है उसका कोई मोल नहीं है अनमोल है और जिन्होंने जैन कुल में जन्म लिया उनका जीवन बेहद अनमोल है। आचार्य श्री ने कहा मैं जयपुर महानगर में मन के मैल को धोने आया हूं चारित्र शुद्धी विधान के माध्यम से, उन्होंने अपने उदबोधन में स्पष्ट कहा कि आप अपने जीवन में किसी की शिकायत नहीं करेंगे और किसी से कुछ नहीं मांगेंगे यह अपना जीवन धन्य होगा। आचार्य श्री ने कहा कि प्रातः उठते ही सर्वप्रथम किसान, सैनिक, माता-पिता, गुरु और परमात्मा को धन्यवाद करना चाहिए जिन्होंने जिनके उपकारों से हम अपना जीवन कुशलता और संपन्नता से जी रहे हैं। धर्म सभा को परम परम पूज्य उपाध्याय श्री पियूष सागर जी महाराज, परम पूज्य प्रवर्तक मुनिश्री सहज सागर जी महाराज ने संबोधित किया और उन्होंने चारित्र शुद्धी विधान जो 25 जनवरी से 31 जनवरी तक वीटी रोड मानसरोवर ग्राउंड में आयोजित हो रहा है उसके संबंध में विस्तार रूप से बताया। अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन युवा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन ने अवगत कराया की जुलूस में जयपुर महानगर की विभिन्न कालोनियों से पुरुष महिला हजारों की संख्या में उपस्थित थे। ऐतिहासिक शोभा यात्रा में 1251 महिलाएं मंगल कलश मंगल लेकर शोभायमान हो रही थी. जुलूस में बैंड बाजों भटिंडा के बैंड बाजे के साथ स्थान स्थान पर पुष्प वृष्टि एवं श्रावकों ने पाद् प्रक्षालन व मंगल आरती की। सभा के पश्चात आचार्य श्री ने गांधीनगर की ओर विहार किया जहां आई ए एस कुलदीप जी राका ने भव्य अगुवानी की, आहार चर्या, भी यहीं हुई प्रवास गांधीनगर में रहा।आचार्य श्री संघ सहित 19 जनवरी को प्रातः जनकपुरी जैन मंदिर की ओर विहार करेंगे। मंच का कुशल संचालन ब्र. तरुण भैय्याजी ने किया।
– नरेंद्र अजमेरा पियुष कासलीवाल औरंगाबाद
– नरेंद्र अजमेरा पियुष कासलीवाल औरंगाबाद
















