शताब्दी वर्ष महोत्सव देश में बाल विवाह प्रथा रोकने के लिए आचार्य श्री शान्तिसागर जी ने दिया संदेश – आचार्य वर्धमान सागर जी

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आचार्य पद प्रतिष्ठापना, बिम्ब प्रतिष्ठा महामहोत्सव एवं लोकार्पण समारोह में उमड़ा जनसैलाब

आचार्य श्री की प्रेरणा से गुरुकुल की शिक्षा पर दिया जोर

निवाई – सकल दिगम्बर जैन समाज के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय आचार्य वर्धमान सागर महाराज संध के सानिध्य में शांतिसागर बिम्ब प्रतिष्ठा, शिखर कलशारोहण, एवं आचार्य शांतिसागर स्मारक लोकार्पण समारोह आयोजित किया गया जिसमें अनेक धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। जैन समाज के प्रवक्ता विमल जौंला एवं सुनील भाणजा ने राष्ट्रीय मीडिया पारस जैन पार्श्वमणि को जानकारी देते हुवे बताया कि बुधवार को सुबह श्रद्धालुओं ने मूलनायक भगवान शांतिनाथ जी के अभिषेक एवं शांतिधारा करते हुए पूजा अर्चना की। कार्यक्रम के तहत प्रथमाचार्य शांति सागर महाराज के आचार्य पद प्रतिष्ठापना एवं शताब्दी महोत्सव के अंतर्गत आचार्य शांति सागर पाठशाला निवाई के बच्चों द्वारा नसियां मंदिर में सांस्कृतिक कार्यक्रम में आचार्य शांति सागर महाराज की जीवनी पर संगीत मय नृत्य नाटिका की प्रस्तुति दी जिसमें एक पथिक की यात्रा सिद्धत्व की ओर का मंचन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लाड़ देवी, रानी जैन, मीना जैन गोपाल लाल, शंभू कठमाणा अविनाश जैन ऋषभ जैन कठमाणा वालों ने विधिवत उदघाटन करते हुए आचार्य श्री के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन किया गया। इसके बाद पाठशाला के बच्चों द्वारा मंगलाचरण किया इस दौरान नन्हे मुन्ने बच्चों द्वारा सामूहिक भक्ति नृत्य की प्रस्तुति दी गई। जैन समाज मीडिया प्रभारी विमल जौंला राकेश संधी व सुनील भाणजा ने बताया कि नाटक के मंचन में आचार्य शांति सागर महाराज की जीवनी बच्चों द्वारा संगीतमय रूप से दर्शाया गया जिसमें बालक बालिकाओं ने शिक्षा पर जोर दिया। कार्यक्रम में महावीर प्रसाद, मेना पराना, विक्रम कुमार, प्रियंका पराणा, संजू जौंला, शशी सोगानी, स्वाति सोगानी, निशा झांझरी, शकुंतला छाबड़ा,
मीनाक्षी भाणजा, जिनिशा जैन, आध्या जैन, भक्ति जैन, अर्घम जैन, आरना जैन आदि बच्चों ने भाग लिया। जौंला ने बताया कि आचार्य शांतिसागर स्मारक स्थल पर लोकार्पण से पूर्व महावीर प्रसाद शिखर चंद, सुरेश कुमार अशोक जैन माधोराजपुरा को नवीन प्रतिमा जी का पंचामृत अभिषेक करने का सौभाग्य मिला इसी तरह स्मारक के चारों ओर चारों पट्टाचार्यो के अभिषेक किए गए जिसमें हुकमचंद पारसमल संजय कुमार बड़ागांव को, ज्ञानचंद विरेन्द्र कुमार चंवरिया को, एवं रमेश चंद सुशील कुमार गिन्दोडी को सोभाग्य मिला। इस दौरान आचार्य श्री के आशीर्वाद से शिखर पर कलशारोहण आरोहण करने का सौभाग्य लोकेश कुमार झिराणा परिवार को मिला। इस अवसर पर स्मारक स्थल पर समाज द्वारा पुष्प वर्षा की गई। इसी प्रकार नवीन स्मारक का लोकार्पण करने का सौभाग्य पदमचंद धर्मचंद विष्णु कुमार ललवाडी़ को मिला। प्रवक्ता राकेश संधी ने बताया कि कार्यक्रम स्थल पर आचार्य वर्धमान सागर महाराज एवं जैन मुनि हितेन्द्र सागर महाराज संध के सानिध्य में आचार्य शांतिसागर मण्डल विधान आयोजित किया गया जिसमें श्रद्धालुओं ने मण्डल पर पांच मंगल कलश स्थापित कर मण्डल विधान में पूजा अर्चना की शुरुआत हुई जिसमें जैन समाज निवाई ने देश विदेश से आए अतिथि शांतिसागर फाउंडेशन के संयोजक अनिल सेठी कलकत्ता, श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र श्री महावीर जी के सुरेश सबलावत, दिगम्बर जैन महासमिति राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एडवोकेट सुरेन्द्र मोहन जैन, धर्म जाग्रति संस्थान के प्रांतीय अध्यक्ष पदमचंद बिलाला, सोभागमल अजमेरा, टोडारायसिंह के पूर्व चेयरमैन संत कुमार जैन, अतिशय क्षेत्र रवासा अध्यक्ष मनोज सोगानी, सरावगी समाज अध्यक्ष रमेश चंद छाबड़ा, अशोक छाबड़ा टोंक, प्रकाश चंद पटवारी, महेन्द्र चंवरिया, महावीर प्रसाद छाबड़ा, हेमचंद संधी, मूलचंद त्रिलोक चंद पांडया, संजय सोगानी, शिखरचंद काला, पदमचंद टोंग्या, अशोक बिलाला, त्रिलोक बाकलीवाल सहित अनेक गणमान्य अतिथियों का राजस्थानी परम्परा अनुसार स्वागत किया गया। कार्यक्रम का कुशल संचालन महावीर प्रसाद पराणा एवं पवन बोहरा ने किया। मीडिया प्रभारी सुनील भाणजा एवं विमल पाटनी ने बताया कि विधान में केशव एण्ड पार्टी ने भजनों की प्रस्तुतियां दी एवं प्रतिष्ठाचार्य पण्डित धर्म चंद शास्त्री द्वारा मंत्रोच्चार से मण्डप पर श्री फल अर्ध्य समर्पित किए। समारोह स्थल पर नेमीचंद चेतन कुमार गंगवाल, सन्मति कुमार मोहित चंवरिया, अरुण कुमार आशा जैन लटुरिया, लालचंद शुभम जैन कठमाणा, सुरेन्द्र कुमार श्रेंयांश जैन माधोराजपुरा, दिलीप कुमार अमन कुमार जैन भाणजा, हुकमचंद पारसमल जैन प्रेस, अशोक कुमार सुशील कुमार कटारिया, विष्णु कुमार राहुल बोहरा, शंभु कठमाणा, बंटी झांझरी, सुनील भाणजा, राजकुमार संधी, राकेश संधी, एवं विमल जौंला सहित कई युवा वर्ग ने श्री फल चडा़कर आशीर्वाद लिया एवं सभी गुरु भक्त श्रद्धा आस्था के साथ व्यवस्थाओं में जुटे हुए हैं।
इस अवसर पर राष्ट्रीय संत आचार्य वर्धमान सागर महाराज ने किया सम्बोधित
आचार्य श्री ने कहा कि युग पुरोधा आचार्य शांतिसागर महाराज उस जमाने में शिक्षा पर विशेष जोर देते थे।
आचार्य श्री की प्रेरणा लेकर शिक्षा की महत्वा में गुरुकुल पर दिया जोर,
आचार्य शांति सागर महाराज ने सबसे पहले देश में गुरुकुल की स्थापना हो, एवं बाल विवाह प्रथा रोकने के लिए सर्व प्रथम देश में प्रथम संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आचार्य श्री ने उनकी परम्परा में आचार्य वीर सागर, आचार्य शिव सागर, आचार्य धर्म सागर, आचार्य अजीत सागर सहित अनेक पट्टाचार्यो ने इस देश में जन जन के प्रति अन्दर जिन धर्म की प्रभावना की। उनका मार्गदर्शन एवं अक्षुण्ण परम्परा बनाए रखने के लिए सम्पूर्ण देश भर में आचार्य श्री का शताब्दी वर्ष महोत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। शताब्दी वर्ष के तहत संपूर्ण देश में उनके जीवन पर आधारित डाक्यूमेंट्री फिल्म भी दिखाई जा रही है।

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